कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने खाद मांग में वृद्धि का बताया ये कारण
(सभी तस्वीरें- हलधर)एक ओर जहां प्रदेशभर में यूरिया खाद की किल्लत को लेकर किसान परेशान हो रहे हैं, जगह-जगह जाम और धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरह राज्य के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा का कहना है कि किसानों को प्रदेश में उर्वरकों की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उर्वरकों की निर्बाध रूप से पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। जिन जिलों में यूरिया व डीएपी की कमी की स्थिति बनी हुई है, वहां तत्काल प्रभाव से खाद की पूर्ति करवायी जा रही है। राज्य के कृषकों को समयबद्ध एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की Electron सुनिश्चित करने प्रतिबद्धता दोहराई है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने गुरुवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में प्रेसवार्ता में ये बात कही।
पर्याप्त वर्षा अग्रिम बुवाई में तेजी आई
कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने बताया कि इस बार राज्य में समय पर हुई पर्याप्त वर्षा तथा अक्टूबर माह में दो बार असमायिक वर्षा से भूमि में नमी की उपलब्धता बढ़ी, जिससे किसानों द्वारा अग्रिम बुवाई में तेजी आई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 26 नवम्बर तक गत वर्ष की तुलना में 9 लाख हैक्टेयर अधिक क्षेत्र में बुवाई की जा चुकी है। वहीं, तिलहनी फसलों में 34 लाख हैक्टेयर एवं खाद्यान्न फसलों में 29 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में प्रथम सिंचाई के साथ यूरिया की टॉप ड्रेसिंग भी की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप यूरिया की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा आवश्यकता से अधिक उर्वरक खरीदने की प्रवृत्ति भी मांग में वृद्धि का एक मुख्य कारण है। इसके बावजूद इसके राज्य सरकार ने उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में कोई कमी नहीं रखी। पिछले 2 वर्षों में डीएपी की औसत आपूर्ति 2.53 लाख मैट्रिक टन करायी जा चुकी है, जो पूर्व सरकार के 5 वर्षीय औसत से अधिक है।
अगले दो दिनों में 31 हजार मैट्रिक टन यूरिया
मंत्री मीणा ने बताया कि रबी सीजन के पहले दो महीनों अक्टूबर और नवम्बर में 7.53 लाख मैट्रिक टन की मांग के विरुद्ध 9.15 लाख मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध करवाया गया है। इसके अतिरिक्त 24 हजार मैट्रिक टन की आपूर्ति जारी है, आगामी दो दिनों में 31 हजार मैट्रिक टन यूरिया और उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके बाद माह के अंत तक कुल उपलब्धता 9.70 लाख मैट्रिक टन से अधिक हो जाएगी, जो मांग से 29 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 95 लाख हैक्टेयर में रबी फसलों की बुवाई हो चुकी है, जिसके अनुरूप लगभग 7 लाख मैट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता है। जबकि पहले ही किसानों को 9.15 लाख मैट्रिक टन उपलब्ध करवा दिया गया है और उर्वरकों की आपूर्ति निरंतर जारी है।
कालाबाजारी और अनियमितताओं पर कसा कड़ा शिकंजा
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने बताया कि प्रदेश में उर्वरकों की कालाबाजारी और अनियमितताओं करने वालों पर कड़ा शिकंजा कसते हुए अब तक 90 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। साथ ही 98 बिक्री प्राधिकार पत्र निलंबित/निरस्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 1069 कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की गई है।