राजस्थान की ‘नागौरी पान मेथी’ को मिली राष्ट्रीय पहचान

नई दिल्ली 10-Mar-2026 06:59 PM

राजस्थान की ‘नागौरी पान मेथी’ को मिली राष्ट्रीय पहचान

(सभी तस्वीरें- हलधर)

राजस्थान के नागौर जिले में उगाई जाने वाली मेथी को भारत सरकार ने बड़ी मान्यता दी है। प्रोटक्शन ऑफ प्लांट वैराइटीज एंड फार्मर्स राइट्स अथॉर‍िटी (PPV&FRA) ने “नागौरी पान मेथी” को किसानों की सामुदायिक किस्म के रूप में आधिकारिक तौर पर पंजीकृत कर दिया है। इससे अब नागौर के किसान इस विशेष मेथी के कानूनी अधिकारधारी बन गए हैं। 

किसानों को मिला बौद्धिक संपदा अधिकार 

पौध किस्म एवं किसान अधिकार अधिनियम 2001 के तहत नागौर के मूंडवा किसान समुदाय को इस किस्म का वैधानिक संरक्षक माना गया है। इससे अब कोई भी कंपनी या व्यक्ति नागौरी पान मेथी के नाम या बीज का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।

वैश्विक बाजार में बढ़ेगी पहचान

इस रजिस्ट्रेशन के बाद नागौरी पान मेथी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलेगी और भविष्य में इसे जीआई टैग दिलाने का रास्ता भी मजबूत हुआ है। इससे किसानों को बेहतर कीमत और निर्यात के नए अवसर मिलेंगे।

किसानों के लिए लाभकारी फसल

नागौर जिले में करीब 7,000 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती होती है। एक सीजन में औसतन 10 कटिंग से किसान प्रति एकड़ लगभग 2.5 लाख रुपये तक की आय प्राप्त कर लेते हैं, जिससे यह किसानों के लिए बेहद लाभकारी फसल बन चुकी है।

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