भारत-अमेरिका ट्रेड डील में किसान हित पूरी तरह सुरक्षित: केंद्रीय कृषि मंत्री

नई दिल्ली 05-Feb-2026 06:57 PM

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में किसान हित पूरी तरह सुरक्षित: केंद्रीय कृषि मंत्री

(सभी तस्वीरें- हलधर)

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे भ्रामक आरोपों के बीच, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि इस समझौते में भारतीय कृषि, विशेषकर कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह डील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का नया उदाहरण है। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने शुरू से साफ कर दिया था कि किसान हित सर्वोपरि हैं। केंद्रीय मंत्री चौहान ने दिल्ली में मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि हमारे मुख्य अनाज, फल, प्रमुख फसलें, मिलेट्स और डेयरी उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि या डेयरी पर किसी तरह का खतरा नहीं है। किसानों के हित पूरी तरह संरक्षित हैं और इस समझौते से उल्टा भारत के किसानों को नए अवसर मिलेंगे।

छोटे किसानों की चिंता और यूएस फार्म प्रोडक्ट्स पर बोले

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि कोई बड़ी चीज़ भारत के बाजार में अचानक नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सभी मुख्य फसलें, मुख्य अनाज, फल और डेयरी उत्पाद सुरक्षित हैं। किसी भी ऐसे क्षेत्र के लिए बाजार नहीं खोला गया है, जो भारतीय किसानों के लिए नुकसानदेह हो सके। कृषि मंत्री ने यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी के उस ट्वीट से पैदा संशय पर, जिसमें अमेरिकी फार्म प्रोडक्ट्स के ज़्यादा भारत आने की बात कही गई थी, पर कहा कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में पूरे तथ्य स्पष्ट कर दिए हैं। मंत्री गोयल स्वयं भी दोहरा रहे हैं कि छोटे और बड़े, सभी भारतीय किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं। मुख्य कृषि उत्पादों के लिए बाजार इस प्रकार नहीं खोला गया है कि किसानों पर दबाव बने।

चावल, मसाले और टेक्सटाइल निर्यात को मिलेगा बल

कृषि मंत्री ने बताया कि भारत पहले से ही अमेरिका सहित विभिन्न देशों को चावल का बड़ा निर्यातक है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 63,000 करोड़ रुपये के चावल का निर्यात किया गया था। उन्होंने कहा कि टैरिफ कम होने से हमारे चावल, मसालों और टेक्सटाइल के निर्यात को बल मिलेगा। जब टेक्सटाइल एक्सपोर्ट बढ़ेगा तो इसका सीधा लाभ कपास उगाने वाले हमारे किसानों को होगा। ​चौहान ने कहा कि यह समझौता समग्र रूप से भारत के किसानों के हित में है। विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाने के बावजूद तथ्य यही हैं कि किसान हित सुरक्षित हैं और निर्यात के नए अवसर खुल रहे हैं।

डील की सारी डिटेल्स समय पर सामने आएंगी

मीडिया ने जब कृषि मंत्री के सामने यह सवाल उठाया कि विपक्ष कह रहा है कि अगर ट्रेड डील कर रहे हैं तो सरकार आकर फाइन प्रिंट को संसद और देश के सामने समझाए। इस पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने दोहराया कि डील की सारी डिटेल्स समय पर सामने आएंगी, लेकिन उसका मूल साफ है कि किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं।

किसान अन्नदाता, उनकी सेवा भगवान की पूजा के बराबर

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चिंता जताते हुए कहा कि कृषि का क्षेत्र इतना बड़ा है कि किसी भी तरह की अफवाह से किसानों में अनावश्यक चिंता और बेचैनी पैदा हो सकती है। इसलिए सरकार की ओर से स्पष्ट आश्वासन देना जरूरी है। उन्होंने कहा, “मैं एक बार फिर कहना चाहता हूँ, किसान अन्नदाता हैं, अन्नदाता मतलब जीवनदाता। उनके हित ही देश के हित हैं और वे हित सुरक्षित हैं।”


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