हल्ला बोल पर उतरे छोटे खाद विक्रेता 

नई दिल्ली 21-Aug-2026 05:55 PM

हल्ला बोल पर उतरे छोटे खाद विक्रेता 

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर! उर्वरक निर्माता कम्पनियो की मनमानी के खिलाफ अब छोटे खाद विक्रेता भी हल्ला बोल पर उतर आए है! उनका कहना है कि सरकार हमारी पीड़ा को समझ नहीं रही है! कम्पनियो की नई नई शर्तों से व्यापार करना मुश्किल हो चला है! किसान से जिरह करते करते थक चुके है और उर्वरक कम्पनियो को लिखते लिखते... कि किसान यूरिया-डीएपी के साथ टैग उत्पाद लेना पसंद नहीं करता है! जबरदस्ती उनको उत्पाद देने पर क़ृषि विभाग हम पर ही कार्यवाही करता है! जबकि, कम्पनी नेटवर्क को आंच तक नहीं आती! ऐसे में व्यापारी अपनी पीड़ा सुनाने जाए तो जाए कहा |

टैगिंग से किसान भी परेशान 

वैसे तो यूरिया-डीएपी के साथ टैग उत्पाद बेचने का खेल पुराना है! सरकार के काबिना मंत्री और क़ृषि अधिकारियो के लाख आदेश जारी करने के बाद भी टैग बेचने पर प्रतिबंध नहीं लग पाया है! क्योंकि, क़ृषि विभाग सम्बंधित कम्पनी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करता है! शायद यही कारण है कि प्रदेश में टैग उत्पाद से किसानों और व्यापारियों को लूटने का काम बदस्तूर जारी है!

बचत से ज्यादा नुकसान 

टैग उत्पाद से किसान की ही नहीं छोटे व्यापारियों की भी आर्थिक तौर पर हालत पतली हो रही है! क्योंकि, यूरिया-डीएपी बैग के साथ दिए जाने वाले टैग उत्पाद को किसान यूज़ लेना पसंद नहीं करता है! वही, ये उत्पाद व्यापारियों के गोदाम में पड़े रहते है! क्योंकि, किसान उर्वरक के साथ टैग उत्पाद खरीद को लेकर कन्नी काटता नज़र आता है! इससे छोटे उर्वरक विक्रेताओ के लिए इधर कुंआ, इधर खाई जैसी स्तिथि बन चुकी है! क्योंकि कम्पनिया टैग उत्पाद खरीद की शर्त पर ही यूरिया-डीएपी जैसी खाद बिक्री के लिए उपलब्ध करा रही है!

मंत्री को सौपा ज्ञापन 

टोंक जिला इनपुट डीलर्स एसोशीएशन ने अपनी मांगो को लेकर जल स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी को टैग उत्पाद पर रोक के लिए ज्ञापन सौपा है! साथ ही, कलेक्टर और संयुक्त निदेशक क़ृषि से भी उचित कार्यवाही और राहत की मांग की है!

विक्रेता हुए एकजुट 

उधर, देवली में आयोजित बैठक में उर्वरक विक्रेताओं ने एक स्वर में टैग उत्पाद नहीं बेचने की बात कही! टोंक देवली, दूनी, उनियारा, शॉप, रानोली, मालपुरा निवाई, अलीगढ़ पलाई, नगर महंदेवास, छान, थोड़ा डांगरथल, रोहिली, केन्सर पूरे, कलमंडा,जिला थोक, ओर खुदरा उर्वरक विक्रेताओं द्वारा कम्पनियो से खाद नहीं लेने का निर्णय लिया गया!


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