मौसम की मार से बचेगी बागवानी फसले, खराबे पर मिलेगा मुआवजा
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। बागवानी फसलों को मौसम की मार से बचाने के लिए और किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया है। योजना के तहत ऋणी, गैर-ऋणी और पात्र बंटाईदार किसान 5 फीसदी प्रीमियम दर पर अधिसूचित बागवानी और सब्जी फसलों का बीमा करवा सकेंगे । आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल ने बताया कि योजना के तहत प्रतिकूल मौसम और अवांछित मौसमी घटनाओं से होने वाले फसली नुकसान के मामलों में किसान को राहत मिलेगी । वाणिज्यिक और बागवानी फसल बीमा के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया को अधिसूचित किया गया है। किसान योजना का लाभ लेने के लिए अपने निकटतम बैंक शाखा, सहकारी संस्था, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सीएससी, डाकघर अथवा अधिकृत बीमा माध्यम से फसल बीमा करवा सकते हैं।
इन फसलों का होगा बीमा
योजना के तहत खरीफ में हरी मिर्च, भिंडी, प्याज, टमाटर, अरंडी, अनार, टिंडा, मेहंदी, संतरा एवं किन्नू को शामिल किया गया है। जबकि रबी में आंवला, बैंगन, सौंफ, फूलगोभी, लहसुन, प्याज, मटर, टमाटर, आलू, अमरूद, नींबू, आम, खरबूजा, तरबूज, बेर, पत्तागोभी, मौसंबी एवं पपीता जैसी फसलों शामिल है।
एग्रीस्टैक आईडी अनिवार्य
ऋणी एवं गैर-ऋणी किसानों के लिए फसल बीमा करवाने हेतु एग्रीस्टैक आईडी अनिवार्य होगी। ऋणी किसान यदि योजना से बाहर रहना चाहते हैं तो निर्धारित समय सीमा में संबंधित वित्तीय संस्था को OPT-OUT घोषणा-पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। योजना के प्रावधानों के अनुसार किसान 29 अगस्त तक अपनी फसल के नाम में परिवर्तन करवा सकते हैं। वहीं योजना से बाहर रहने के इच्छुक ऋणी किसानों को 24 अगस्त तक संबंधित वित्तीय संस्था में घोषणा-पत्र प्रस्तुत करना होगा।