MSP पर फसल बेचने के लिए एक भी किसान ने नहीं कराया रजिस्ट्रेशन, ये है वजह..
MSP पर फसल बेचने के लिए एक भी किसान ने नहीं कराया रजिस्ट्रेशन, ये है वजह..
(सभी तस्वीरें- हलधर)राजस्थान में इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरसों और चना की खरीद को लेकर किसानों की दिलचस्पी कम नजर आ रही है। प्रदेश में 20 मार्च से ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद अब तक एक भी किसान ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। इसकी मुख्य वजह बाजार में MSP से अधिक भाव मिलना बताया जा रहा है। अच्छे भाव मिलने की वजह से किसान सीधे मंडी में अपनी उपज बेच रहे हैं।
बाजार भाव देखकर किसानों ने बदला अपना रुख
केंद्र सरकार ने इस बार सरसों का MSP 6200 रुपए और चने का 5875 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि बाजार में सरसों करीब 7200 और चना 7600 रुपए तक बिक रहा है। ऐसे में किसानों को फिलहाल खुला बाजार ज्यादा लाभकारी लग रहा है। इसलिए किसान अब सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी फसल बेचने की बजाय सीधे मंडी का रुख कर रहे हैं।
खरीद केंद्र तैयार, लेकिन गेहूं किसान परेशान
प्रदेश के सिरोही जिले में सरसों और चना के लिए जावाल, शिवगंज, रेवदर और स्वरूपगंज में खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जहां 1 अप्रैल से खरीद शुरू होगी। लेकिन गेहूं के लिए कोई केंद्र नहीं खोला गया, जबकि जिले में गेहूं की बुवाई सबसे अधिक (39,560 हेक्टेयर) क्षेत्र में हुई है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।
किसानों की चिंता और मांग
किसानों का कहना है कि सरकार को सभी प्रमुख फसलों के लिए समान व्यवस्था करनी चाहिए। गेहूं खरीद केंद्र नहीं होने से उन्हें निजी व्यापारियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे नुकसान की आशंका बनी हुई है।