मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना
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क्लेम के लिए भटक रहे है बीमा कराने वाले पशुपालक
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। राज्य सरकार मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का दूसरा चरण शुरू करने की तैयारियों में जुटी है। लेकिन, पशुपालक बीमा क्लेम के लिए भटक रहे है। यह वह पशुपालक है, जिन्होंने योजना के प्रथम चरण में अपने पशुओ का बीमा करवाया था। हालात यह है कि चार महीने बीतने के बाद भी पशुपालकों को क्लेम की राशि नहीं मिल पाई है। किसानो का कहना है कि जब क्लेम नहीं देना था तो पशुओ का बीमा किया ही क्यों ? पशुपालको की यह स्थिति किसी सुदूर जिले की नहीं, राजधानी से 25 किलोमीटर दूर चौमूं क्षेत्र के पशुपालकों की है। सरकार की इस व्यवस्था से एक दो ही नहीं, अधिकांश किसान और पशुपालक पीडि़त नजर आ रहे है। पशुपालको का कहना है कि बीमा पॉलिसी, पशु की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ सभी जरूरी कागजात बीमा कंपनी के सर्वेयर को दिए जा चुके है। लेकिन, अभी तक बीमा क्लेम को लेकर कंपनी के द्वारा ना तो कोई सूचना दी गई है और ना ही क्लेम राशि का भुगतान किया है। गौरतलब है कि योजना के तहत पशु की मृत्यु पर 40 हजार रूपए का बीमा क्लेम देने का प्रावधान है।
केस-1
बरना गांव की महिला पशुपालक राधा देवी ने अपनी एचएफ क्रॉस गाय का योजना के तहत बीमा करवाया। राधा देवी ने बाताया कि अगस्त 2025 में गाय की मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गाय की मृत्यु का कारण दम घुटना बताया गया। क्लेम के लिए बीमा कंपनी के सर्वेयर को कागज दिए। लेकिन, अब तक क्लेम राशि का भुगतान नहीं हो पाया।
केस-2
इसी गांव की महिला पशुपालक गीता देवी ने एचएफ क्रॉस गाय का बीमा करवाया। लेकिन, इनकों भी क्लेम राशि का भुगतान नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गाय की मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया है।
केस-3
इसी गांव की महिला पशुपालक सुशीला देवी ने भी योजना के तहत अपनी गाय का बीमा करवाया। सितम्बर 2025 में इनकी गाय की शॉक से मृत्यु हो गई। लेकिन, अब तक क्लेम राशि का इंतजार बना हुआ है।
केस-4
श्रीपुरा गांव की भगवती देवी ने योजना के तहत अपनी गाय का बीमा करवाया। थम्पोनी बीमारी से गाय की मृत्यु हो गई। अगस्त में ही कंपनी को सूचित कर दिया गया। लेकिन, अब तक क्लेम राशि का भुगतान बीमा कंपनी ने नहीं किया है।

पीडि़त पशुपालकों को क्लेम के लिए बीमा पॉलिसी के साथ राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग से सम्पर्क करना चाहिए। क्लेम का भुगतान बीमा कंपनी ही करेगी।
डॉ. प्रदीप कुमार, मंगला पशु बीमा योजना प्रभारी, पशुपालन निदेशालय