एक्सपोर्ट ओरिएंटेड भारतीय कृषि की नई पहचान
(सभी तस्वीरें- हलधर)वेबिनार में बोले पीएम
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि स्वदेसी कृषि उत्पादों के लिए दुनिया के बाजार खुल रहे हैं और ग्लोबल डिमांड बदल रही है। ऐसे में खेती को एक्सपोर्ट ऑरिएंटेड बनाने की जरूरत है। वे कृषि और ग्रामीण परिवर्तन विषयक वेबीनार में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे यहां अलग-अलग जलवायु क्षेत्र है, कई फसलों का उत्पादन होता है। इस अवसर का हमें पूरा फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस साल बजट में सरकार ने हाई वैल्यू एग्रीकल्चर पर फोकस किया है। केरल और तमिलनाडु के किसानों को अधिक फायदे मिलें, यह सुनिश्चित करने के लिए इस बार नारियल पर खास जोर दिया गया है, जिससे हमारे किसानों को फायदा होगा। बजट में नॉर्थ ईस्ट की फसलों को बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव शामिल किया गया है।
दीर्घकालिक विकास यात्रा
उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि कृषि हमारी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार हैं। साथ ही, दीर्घकालिक विकास यात्रा का रणनीतिक स्तंभ भी है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने कृषि सेक्टर को लगातार मजबूत किया है।
एमएसपी में हुए रिफॉम
पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए करीब 10 करोड़ किसानों को 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा मिले हैं। एमएसपी में हुए रिफॉर्म से अब किसानों को डेढ़ गुना तक रिटर्न मिल रहा है। संस्थागत ऋण कवरेज 75 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के दावे का निपटान किया गया है।