अब सब्जी में बासमती खुशबू! वैज्ञानिकों ने बनाई अनोखी तुरई

नई दिल्ली 14-Jan-2026 07:23 PM

अब सब्जी में बासमती खुशबू! वैज्ञानिकों ने बनाई अनोखी तुरई

(सभी तस्वीरें- हलधर)

नई दिल्ली। बासमती के शौकीनों के लिए एक खुशखबरी है। अब बासमती का स्वाद लेने के लिए चावल खाने की जरूरत नहीं रहेगी। क्योंकि, बासमती का स्वाद अब सब्जी से मिलने वाला है। जी हां, इस बात को हकीकत में बदलने का काम किया है भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी के वैज्ञानिकों ने। 8 साल की कड़ी मेहनत के बाद कृषि वैज्ञानिकों ने तुरई की ऐसी किस्म विकसित की है, जिससे बासमती की खुशबू उठेगी। वैज्ञानिकों की मानें तो इस तोरई की खेती जहां भी की जाएगी, वहां इसकी मनमोहक खुशबू लोगों का मन मोह लेगी। साथ ही, जब आप इसे अपने किचन में पकाएंगे, तो बासमती की खुशबू से आपका पूरा घर महक उठेगा।

अपने आप में अनोखी किस्म

आईआईवीआर के निदेशक डॉ. राजेश कुमार के मुताबिक तोरई की यह किस्म अपने आप में सबसे अनोखी है। इस प्रजाति को प्रधान वैज्ञानिक डॉ. त्रिभुवन चौबे ने विकसित किया है। बासमती जैसी खुशबू वाली इस तोरई की नई प्रजाति को नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज, नई दिल्ली में पंजीकृत भी कराया है। जिसे वीआरएसजी 7-17 नाम दिया गया है।

55 से 60 दिन होगी तैयार

बासमती जैसी खुशबू वाली इस तोरई में पकाने अथवा उबालने के बाद भी खुशबू बनी रहती है। तोरई की यह किस्म हल्के हरे रंग के फल देती है। इसकी औसत फल लंबाई 27-46 सेमी, फल का डायमीटर 3.35 सेंटीमीटर और औसत वजन 156.5 ग्राम होता है। इस पर 50 से 60 दिन के अंदर फल आने लगते हैं। इसके हर पौधे का औसत उत्पादन 1.13 किलो है।


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