राजस्थान के इन किसानों को अब नहीं मिलेगा सरकारी राशन

नई दिल्ली 18-Nov-2025 05:07 PM

राजस्थान के इन किसानों को अब नहीं मिलेगा सरकारी राशन

(सभी तस्वीरें- हलधर)

प्रदेश के हजारों किसानों को जल्द ही बड़ा झटका लगने वाला है। राजस्थान सरकार ने इन किसानों पर कड़ा रुख अपनाने की तैयारी भी कर ली है। दरअसल, ये मामला केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े किसानों के एक वर्ग का है, जिनके पास सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक खेती की जमीन है। सरकार की ओर से तय मानक के अनुसार, प्रदेश के 2.47 हैक्टेयर से ज्यादा जोत वाले किसानों को सरकारी गेहूं वितरण योजना से बाहर किया जाएगा। इस मामले पर रसद अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से वर्ष 2016 की कृषि भूमि रजिस्टर सूची और वर्तमान पीएम किसान सम्मान निधि योजना के डेटा से मिलान कर यह जांच की जा रही है।

अपात्र किसानों की छंटनी अंतिम चरण में

रसद अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में कई किसानों की जोत में पिछले कुछ वर्षों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में इन किसानों को अब गरीब वर्ग की बजाय आर्थिक रूप से सक्षम श्रेणी में रखते हुए राशन व्यवस्था से पृथक किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया, राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि जिन किसानों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में 2.47 हैक्टेयर से अधिक भूमि दर्ज है, उन्हें सरकारी अनाज वितरण की पात्रता सूची से बाहर किया जाए। रसद विभाग को अब तक प्राप्त आंकड़ों के आधार पर पात्र और अपात्र किसानों की छंटनी अंतिम चरण में है।

चित्तौड़गढ़ 4 हजार से ज्यादा किसान होंगे बाहर

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के जिला रसद विभाग को पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े ऐसे 4 हजार 328 किसानों के नाम की सूची मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। अधिकारियों की मानें तो रसद विभाग ने वर्ष 2016 की कृषि भूमि रजिस्टर लिस्ट, और वर्तमान पीएम किसान समान निधि डेटा को मिलान कर की जा रही जांच में, पाया है कि जिले के कई किसानों की जोत में हालिया वर्षों में वृद्धि देखी गई है। जोतों में बढ़ोतरी तय पात्रता सीमा से अधिक होने की वजह से इन्हें जल्द ही राशन वितरण योजना से बाहर किया जाएगा।

छोटे और सीमांत किसानों पर नहीं पड़ेगा असर

आपको जानकारी के लिए बता दें कि राज्य में पीएम किसान सम्मान निधि योजना और भू-अभिलेख डेटा का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। रसद विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां बड़े किसान गलत श्रेणी में राशन कार्डधारी बने हुए हैं। अब इन्हें चिन्हित कर सरकारी राहत योजनाओं से बाहर किया जाएगा। विभाग का कहना है कि इस कार्रवाई का असर छोटे और सीमांत किसानों पर नहीं पड़ेगा। यानी सभी जिलों में जिन किसानों की जोत सीमा तय मानक से कम है, उन्हें योजना के तहत नियमित रूप से सरकारी गेहूं और अन्य लाभ मिलते रहेंगे। रसद विभाग वर्ष 2016 की भूमि सूची और मौजूदा कृषि डेटा का मिलान कर रहा है, जिन किसानों की भूमि सीमा तय मानक से अधिक पाई जाएगी, उनके नाम पात्र सूची से हटा दिए जाएंगे। सरकार राज्य स्तर पर भी इसकी निगरानी कर रही है, ताकि प्रदेश के किसी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित न किया जाए।

Read: प्रदेश के किसानों को इस दिन मिलेगी पीएम किसान योजना की 21वीं किश्त


ट्रेंडिंग ख़बरें