गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए सख्त निगरानी: डॉ. किरोड़ी
गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए सख्त निगरानी: डॉ. किरोड़ी
(सभी तस्वीरें- हलधर)राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण और नमूना जांच की जाती है। यदि नमूने अमानक पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ जब्ती, एफआईआर, विक्रय पर रोक, लाइसेंस निरस्त या निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई की जाती है।
नमूना विश्लेषण क्षमता में 29 प्रतिशत की वृद्धि
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी ने बताया कि राज्य सरकार ने कृषि आदानों की गुणवत्ता जांच को और मजबूत बनाने के लिए नमूना विश्लेषण क्षमता बढ़ाई है। वर्ष 2024-25 में जहां यह क्षमता 59 हजार नमूनों प्रति वर्ष थी, वहीं वर्ष 2025-26 में इसे लगभग 29 प्रतिशत बढ़ाकर 76 हजार 250 नमूने प्रतिवर्ष कर दिया गया है।
विधानसभा में हरीश चौधरी के सवाल का दिया जवाब
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने यह जानकारी प्रश्नकाल के दौरान विधायक हरीश चौधरी द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों के उत्तर में दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्वरक, बीज और कीटनाशक के अमानक पाए जाने की स्थिति में वर्तमान में एसडीआरएफ या कंपनियों के माध्यम से किसानों को क्षतिपूर्ति देने का कोई प्रावधान नहीं है।
2220 नमूने अमानक, कई मामलों में हुई एफआईआर-गिरफ्तारियां
मंत्री डॉ. मीणा ने बताया कि वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में जनवरी 2026 तक विभिन्न स्थानों से लिए गए खराब या संदिग्ध उर्वरक, बीज और कीटनाशक के नमूनों में से कुल 2220 नमूने अमानक पाए गए हैं। इन मामलों में संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। अमानक नमूनों के मामलों में अब तक 466 प्रकरण न्यायालय में दायर किए जा चुके हैं। इसके अलावा 117 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है, 33 मामलों में गिरफ्तारी, 27 में चालान पेश किए गए हैं। साथ ही 39 लाइसेंस निरस्त, 215 लाइसेंस निलंबित और 128 मामलों में जब्ती की कार्रवाई की गई है।
गुण नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हो रही सख्त निगरानी
कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने बताया कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा गुण नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत निरीक्षक कृषि आदान निर्माण इकाइयों और विक्रेताओं का निरीक्षण कर नमूने लेते हैं, जिन्हें राज्य की अधिसूचित गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा जाता है।
फसल मौसम से पहले विशेष अभियान
कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने बताया कि विभाग द्वारा फसल मौसम से पहले विशेष गुणवत्ता नियंत्रण अभियान भी चलाया जाता है, जिससे किसानों को बेहतर और प्रमाणित कृषि आदान उपलब्ध कराए जा सकें और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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