सायला में पशुमेला-2026 की हुई शुरुआत, पशुपालकों को मिलेंगे नए अवसर

नई दिल्ली 16-Feb-2026 05:33 PM

सायला में पशुमेला-2026 की हुई शुरुआत, पशुपालकों को मिलेंगे नए अवसर

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जालोर जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को ग्राम सायला में माँ कात्यायनी देवी पशुमेला सायला-2026 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने की।

पशुपालकों के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर

पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राजस्थान पशुपालकों का प्रदेश है और राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों के हित में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि बजट घोषणा के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों में पशु मेलों का आयोजन किया जा रहा है और इसी क्रम में सायला में यह मेला आयोजित किया गया है। पशुपालन मंत्री ने कहा कि ऐसे मेलों से पशुपालकों को पशुधन क्रय-विक्रय के अवसर मिलते हैं, प्रतियोगिताएं होती हैं और विभागीय योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों तक पहुंचती है।

पशुपालन विभाग की प्रमुख योजनाओं का उल्लेख

मंत्री कुमावत ने बताया कि राज्य में पशुपालन विभाग के रिक्त पद भरे गए हैं और कई पशु चिकित्सालयों का उन्नयन किया गया है। पशुपालकों को पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं और मोबाइल वेटरनरी यूनिट 1962 के माध्यम से घर-घर जाकर निशुल्क इलाज किया जा रहा है। लम्पी रोग से बचाव के लिए 1 करोड़ 8 लाख पशुओं का टीकाकरण किया गया है। मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुओं का बीमा कराया जा रहा है। बैलों से खेती करने वाले किसानों को 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके अलावा सेक्स सॉर्टेड सीमन प्रोग्राम, गौ-पालक कार्ड, गौशाला निर्माण अनुदान और उष्ट्र संरक्षण योजना के तहत ऊंटपालकों को 20 हजार रुपये की सहायता भी दी जा रही है।

पशुधन संरक्षण से बढ़ेगी ग्रामीण आय

मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पशुधन संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे किसानों और पशुपालकों को आय का स्थायी स्रोत मिलता है। उन्होंने पशुपालकों से मेले में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉलों के माध्यम से योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं रहेंगी आकर्षण

पशुपालन विभाग जालोर के संयुक्त निदेशक एवं मेला अधिकारी डॉ. गिरधर सिंह सोढ़ा ने बताया कि 16 और 18 फरवरी को शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक स्थानीय और प्रसिद्ध लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मेले में विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पशु प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा—

16 फरवरी: बकरा, बकरी, नर-मादा भेड़

17 फरवरी: नर-मादा ऊंट, दुधारू गाय व सांड

18 फरवरी: भैंस, बछड़ी, भैंसा सांड व बछेड़ा

19 फरवरी: घोड़ा व घोड़ी प्रतियोगिता
अंतिम दिन 19 फरवरी को विजेताओं को पारितोषिक वितरण किया जाएगा।


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