अटल भूजल योजना के लंबित भुगतान को मंजूरी

नई दिल्ली 17-Sep-2026 12:47 PM

अटल भूजल योजना के लंबित भुगतान को मंजूरी

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। राजस्थान सरकार ने किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार की ‘अटल भूजल योजना’ के तहत पिछले तीन वर्षों से लंबित 156 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियों के भुगतान को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से प्रदेश के 17 जिलों के हजारों किसानों को आर्थिक राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि किसानों को उनका हक समय पर दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की ओर से संचालित इस योजना का क्रियान्वयन राजस्थान में 1 अप्रैल 2020 से किया जा रहा था। इसका उद्देश्य भूजल प्रबंधन में सुधार और कृषि क्षेत्र में जल उपयोग दक्षता को बढ़ावा देना था।

योजना के तहत किसानों को फार्म पौंड, सिंचाई पाइपलाइन, डिग्गी निर्माण, कृषि यंत्र, फसल बदलाव मिनिकिट, फव्वारा, मिनी स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई प्रणाली सहित विभिन्न कार्यों के लिए अनुदान दिया जाता था। केंद्र सरकार की ओर से 15 अक्टूबर 2025 के बाद योजना का आगे क्रियान्वयन रोक दिए जाने के कारण बड़ी संख्या में किसानों की सब्सिडी राशि का भुगतान लंबित हो गया था। लंबित राशि में कृषि विभाग की करीब 90.91 करोड़ रुपये तथा उद्यानिकी विभाग की 66.16 करोड़ रुपये की देनदारियां शामिल हैं।

राज्य सरकार अपने संसाधनों से करेगी भुगतान

लंबित भुगतान को लेकर राज्य सरकार ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के साथ लगातार पत्राचार और वार्ता की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री, राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष तथा मुख्य सचिव के स्तर पर भी इस विषय में प्रयास किए गए।

केंद्र सरकार की ओर से योजना समाप्त होने और पूर्व में हुई प्रशासनिक स्वीकृतियों में देरी के कारण अनुदान जारी करने में असमर्थता जताए जाने के बाद राज्य सरकार ने अपने स्तर पर किसानों की बकाया राशि चुकाने का निर्णय लिया। इसके तहत राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से इन देनदारियों का भुगतान किया जाएगा।

जिलों को बजट आवंटन, डीबीटी से होगा भुगतान

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद वित्त विभाग ने लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए औपचारिक स्वीकृति जारी कर दी है। कृषि आयुक्त नरेश गोयल ने संबंधित जिला परिषदों और जिला कृषि अधिकारियों को बजट आवंटन के आदेश जारी किए हैं।

जिला अधिकारियों को पात्र किसानों के दावों का भौतिक सत्यापन शीघ्र पूरा कर बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से राशि हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विभाग की लगभग 90 करोड़ रुपये की बकाया राशि का आवंटन किया जा चुका है, जबकि उद्यानिकी विभाग की 66.16 करोड़ रुपये की देनदारियों के भुगतान की प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई गई है।


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