मानसून में करें इन 7 सब्जियों की खेती, होगी बंपर पैदावार और तगड़ी कमाई
मानसून में करें इन 7 सब्जियों की खेती, होगी बंपर पैदावार और तगड़ी कमाई
(सभी तस्वीरें- हलधर)खरीफ फसलों की बुवाई का समय शुरू हो चुका है। इन फसलों की बुवाई जुलाई-अगस्त तक चलती है। इस मौसम में किसान सब्जी फसलों की खेती भी कर सकते हैं। इनमें खीरा, बैंगन, भिंडी, टमाटर, कद्दू, लौकी जैसी सब्जी फसलों की बुवाई की जा सकती है। इस समय बुवाई पर अच्छी पैदावार के साथ-साथ अधिक लाभ भी लिया जा सकता है। क्योंकि, मानसून में सब्जियों के दाम ज्यादा बोले जाते हैं। आइए एक नजर डालते हैं बरसात कालीन सब्जियों की खेती पर।
टमाटर
टमाटर की खेती को साल के किसी भी महीने में शुरू किया जा सकता है। टमाटर की बुवाई करते समय हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पौधों के बीच की दूरी 45-60 सेमी हो और पंक्तियों के बीच की दूरी 60-75 सेमी हो। खेती के लिए बीज की जरूरत लगभग 18 ग्राम प्रति 25 वर्ग मीटर होती है। वहीं इसमें फल 80-100 दिन के बीच आने शुरू हो जाते हैं।
बैंगन
चालू माह में किसान बैंगन की बुवाई कर सकते हैं। पौधों के बीच दूरी 30-45 सेमी और पंक्तियों के बीच 60 सेमी रखें। इसकी बीज दर 25 ग्राम प्रति 10 वर्ग मीटर होती है।
कद्दू
कद्दू के बीज की सीधी बिजाई 2 गुना 2 फीट और 6 फीट की दूरी के गड्ढों में होती है और प्रति गड्ढे में 3 बीज बोए जाते हैं। इसकी बुवाई के लिए बीज की आवश्यकता 8 ग्राम प्रति 10 वर्ग मीटर होती है।
खीरा
खीरे की बुवाई में पौधों और पंक्तियों के बीच दूरी 3 गुना 3 फीट रखें। इसकी बुवाई के लिए बीज की आवश्यकता 5 ग्राम प्रति 10 वर्ग मीटर होती है।
मिर्च
मिर्च की बुवाई में पौध के बीच की दूरी 30-45 सेमी और बीज दर 1 ग्राम प्रति 10 वर्ग मीटर रखें।
लौकी
लौकी के बीजों के लिए 2.5 से 3.5 मीटर दूरी पर 50 सेमी. चौड़ी और 20-25 सेमी गहरी नाली होनी चाहिए। गड्ढों में सीधी बिजाई 60-75 सेमी. की दूरी पर होती है। 10 वर्ग मीटर के लिए 5 ग्राम बीज की जरूरत होती है।
भिंडी
पौधों के बीच की दूरी 2 से 3 फीट होनी चाहिए। इसके लिए 15 ग्राम बीज की आवश्यकता 10 वर्ग मीटर में होती है।