बेमौसमी खरबूजा खेती से किसान कमा रहे भारी मुनाफा

नई दिल्ली 15-Jan-2026 04:19 PM

बेमौसमी खरबूजा खेती से किसान कमा रहे भारी मुनाफा

(सभी तस्वीरें- हलधर)

खरबूजा गर्म मौसम में उगाया जाता है। सामान्यतः इसकी खेती फरवरी-मार्च और जुलाई-अगस्त में की जाती है। लेकिन, पॉली हाउस में खरबूजा की खेती दिसम्बर-जनवरी माह में करके बे-मौसम उत्पादन करके अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। प्रदेश में जयपुर जिले के किसान बेमौसमी खरबूजे का उत्पादन करके अच्छा मुनाफा ले रहे हैं। पॉली हाउस में खरबूजे की खेती के लिये किसान को संकर बीज की आवश्यकता होती है। सरकारी के अलावा निजी बीज संस्थाओं का बीज भी बाजार में उपलब्ध है। गुण-धर्म देखकर बीज खरीदें। बीज खरीद का बिल अवश्य लें।

उन्नत किस्म - पूसा शरबती, पूसा मधुरस, पूसा रसराज, हरा मधु।

नर्सरी तैयार करना : नर्सरी तैयार करने के लिए पहले प्रो-ट्रे का निर्जमीकरण किया जाता है। कोकोपिट, वर्मीकुलाईट और परलाईट का 2 : 1 : 1 अनुपात में मिश्रण को प्रो-ट्रे में भरें। प्रति खाने एक बीज डालें। फिर, हल्की सिंचाई करें। जब पौधे में बीजपत्रों के अलावा दो पत्तियां आ जाती हैं, तब पौधा स्थानान्तरण योग्य माना जाता है।

क्यारी तैयार करना

  • ऊंचाई- 30 सेमी.   
  • चौड़ाई- 1 मीटर दो बेड की दूरी- 60 सेमी
  • लम्बाई- पॉली हाउस के अनुसार

पौधों और फलों की ट्रेनिंग

पॉलीहाउस में खरबूजे के पौधे को प्लास्टिक की सुतली से ऊपर बांधा जा सकता है। एक पौधे की 2-3 शाखाओं को सुतली से बांधकर ऊपर तार पर बांध दिया जाता है। ऐसा पौधे द्वारा फल का वजन सहन नहीं कर पाने के कारण किया जाता है। प्रत्येक फल को प्लास्टिक नेट थैली में रखा जाता है। नेट की थैली को मुख्य सुतली से बांधा जाता है, जिससे फल का वजन पौधे पर नहीं पड़े। सप्ताह में दो बार पौधे की ट्रेनिंग करें। मुख्य तने से निकलने वाली फुटानों और पुरानी पत्तियों को भी समय पर हटाते रहे।

परागण

परागण के लिए सुबह के समय उस तार को धीरे-धीरे हिलाना चाहिए। जिससे पौधे को बांधा गया है। 5-10 मिनट तक तार को हिलाने पर पूरी कतार के पौधे हिलने लगते है। जिससे पौधों में परागण हो जाता है। फल नहीं जमने की दशा में एक-एक पुष्प का परागण किया जा सकता है। 

  • तुड़ाई : पौधरोपण के : 50-55 दिन बाद
  • दूसरी तुड़ाई : 60 दिन बाद।


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