अरण्डी फसल पर कीट हमला ? तुरंत अपनाएं ये असरदार उपाय
(सभी तस्वीरें- हलधर)अरण्डी फसल पर अनेक कीड़ों का आक्रमण होता है, जो फसल को अंकुरण से पकने तक क्षति पहुंचाते हैं। जिसका पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कीटों की समय पर पहचान करके नियंत्रण करना आवश्यक रहता है। वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम से मरू क्षेत्र में अरण्डी में कीट प्रबंधन तकनीक विकसित की गई है। जो आलेख में दी जा रही हैं। मरूक्षेत्र के किसान इस तकनीक को अपनाकर अरण्डी की स्थाई रूप से अधिक पैदावार ले सकते हैं।
कीट और उनके नियंत्रण के उपाय:
सफेद मक्खी: नियंत्रण हेतु ट्राइजोफोस 40 ईसी 1.5 लीटर को 600 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हैक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
हरा तेला-पर्ण सुरंगी: रोकथाम हेतु डाइमिशोएट 30 ईसी एक लीटर दवा 600 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हैक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
लाल मकड़ी-बरूथी: डाइकोफोल 18.5 ईसी दवा 1 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
सेमी लूपर, रोम युक्त सूंडी: नियंत्रण के लिए 1 लीटर क्यूनॉलफॉस 25 ईसी दवा को 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
फल बेधक: नियंत्रण हेतु डाइमिशोएट 30 ईसी एक लीटर दवा को 600 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हैक्टेयर की दर से छिड़काव करें।