गेहूं और चने की फसल में रोगों पर नियंत्रण के लिए करें ये उपाय

नई दिल्ली 06-Mar-2026 03:00 PM

गेहूं और चने की फसल में रोगों पर नियंत्रण के लिए करें ये उपाय

(सभी तस्वीरें- हलधर)

किसान भाइयों कृषि कार्यों को समय पर करने और उन्नत कृषि विधियां अपनाने पर कृषि से अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। समय पर कृषि क्रियाएं करने से रोग व कीटों का आक्रमण कम हो जाता है तथा इनसे होने वाली हानि को रोककर उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है। किसान भाइयों मार्च माह के शुरुआत में गेहूं और चने की फसल में कई प्रकार के रोगों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में नीचे दी गई जानकारी को अपनाकर किसान अपनी फसल को रोगों से बचा सकते हैं। 

गेहूं फसल:

मौसम को ध्यान में रखते हुए गेहूं की फसल में रोगों, विशेषकर रतुआ की निगरानी करते रहें। काला या भूरा रतुआ आने पर फसल में डाइथेन एम-45 2.5 ग्राम अथवा कार्बेण्डाजिम 1.0 ग्राम अथवा प्रोपिकोनाजोल 1.0 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव आसमान साफ होने पर करें।

चना फसल:

चने की फसल में फली छेदक कीट की निगरानी के लिए फैरोमोन प्रपंच: 3-4 प्रपंच प्रति एकड़ उन खेतों में लगाएं, जहां पौधों में 30-40 फूल खिल गये हों। 'T' अक्षर आकार के पक्षी बसेरा खेत के विभिन्न जगहों पर लगाएं।

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