खजूर की फसल में पत्ती धब्बा रोग का रखें विशेष ध्यान, नहीं तो उपज...
(सभी तस्वीरें- हलधर)खजूर की खेती कर रहे किसानों को अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए पौधे और फसल को रोग मुक्त रखना आवश्यक है। ऐसे में किसान भाईयों को सलाह है कि खजूर में पत्ती धब्बा रोग एक गंभीर समस्या बन सकता है। इस रोग की शुरुआत पत्तियों पर हल्के भूरे धब्बों से होती है, जो धीरे-धीरे गहरे कत्थई या काले रंग में बदल जाते हैं। अधिक प्रकोप की स्थिति में पूरी पत्ती धब्बों से भर जाती है, जिससे पौधे की प्रकाश संश्लेषण क्षमता घटती है और उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है। लेकिन शुरुआती अवस्था में नियंत्रण करने से नुकसान काफी हद तक कम किया जा सकता है।
रोग की पहचान के प्रमुख लक्षण
खजूर में पत्तियों पर छोटे हल्के भूरे धब्बे, समय के साथ धब्बों का गहरा काला/कत्थई होना, पत्तियों का सूखना और गिरना व पौधे की वृद्धि में कमी जैसे लक्षण दिखें तो यह पत्ती धब्बा रोग के लक्षण है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
किसान खजूर में पौधों में रोग दिखते ही प्रभावित पत्तियों को काटकर खेत से बाहर नष्ट करें। बगीचे में साफ-सफाई बनाए रखें और नमी अधिक न होने दें। साथ ही संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाएं ताकि पौधे मजबूत रहें।
पत्ती धब्बा रोग पर प्रभावी नियंत्रण उपाय
किसान पत्ती धब्बा रोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। 15 दिन के अंतराल पर 2-3 बार स्प्रे दोहराएं। सुबह या शाम के समय छिड़काव करना अधिक प्रभावी रहता है।