बेईमान सरकार, नैनो पर अब भी मेहरबान
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। वर्ष 2021 में बड़े-बडे दावों के साथ किसानों पर थोपा गया इफको के नैनो यूरिया मामले में केन्द्र सरकार की बेईमानी अब लोकसभा के रिकॉर्ड पर आ चुकी है। इसके बावजूद भी सरकार ने नैनो को लेकर अभी तक कोई नए दिशा-निर्देश जारी नहीं किए है। गौरतलब है कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर और विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा की ताजा अनुसंधान रिपोर्टों में खुलासा हुआ है कि नैनो यूरिया के लगातार प्रयोग से ना केवल चावल और गेहूं की उपज में कमी आई है। बल्कि, दानों में प्रोटीन की मात्रा भी घट गई। गौरतलब है कि हलधर टाइम्स ने प्रदेश के कृषि संस्थानों में नैनो यूरिया पर शुरूआती परीक्षण के आधार पर नैनो यूरिया के लाभ-हानि को बता दिया था। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से जुड़े नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के प्रश्न के जवाब में लोकसभा में कृषि मंत्रालय ने लिखित जवाब में यह बात स्वीकार की है।

किसानों से धोखा
नैनो यूरिया कोरा पानी बेईमान केन्द्र सरकार ने हजारों करोड रूपए का नैनो यूरिया बिना समुचित परिक्षण किए ही किसानों को बेच दिया। गौरतलब है कि इस रिपोर्ट के आने के बाद भी सरकार नैनो यूरिया के उत्पादन और बिक्री पर जोर दे रही है।
अब 5 साल चलेगा नया शोध
किसानों द्वारा नैनो यूरिया के उपयोग में लगातार कमी आने और ताजा नकारात्मक परिणामों के बाद केंद्र सरकार ने इसके प्रभाव की पुन: जांच कराने का निर्णय लिया है। आइसीएआर ने नई पांच वर्षीय नेटवर्क परियोजना शुरू की है, जिसमें 14 केंद्र, 10 कृषि पारिस्थितिकीय क्षेत्र और 12 प्रमुख फसलें शामिल होंगी।