बूंदी का अमरूद बना सोना, 5 हजार MT उत्पादन से किसानों की कमाई दोगुनी
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। किसानों को हो रहे अच्छे मुनाफे के चलते बूंदी में अमरूद की बागवानी की ओर रुझान तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2025 में अमरूद के बगीचों का रकबा बढकर 415 हैक्टयर तक पहुंच गया है। वहीं उत्पादन करीब 5 हजार मीट्रिक टन दर्ज किया गया है। कृषि अधिकारियों के अनुसार हर वर्ष उत्पादन में वृद्धि हो रही है। नवंबर माह से अमरूद की तुड़ाई शुरू हो जाती है, जो 15 जनवरी तक चलती है। जुलाई में फल लगना शुरू होता है और मार्च तक तुड़ाई का कार्य जारी रहता है। गौरतलब है कि बूंदी का अमरूद का बड़ा आकार देखकर ही ग्राहक आकर्षित हो जाते हैं। ठंड के मौसम में फल में विशेष मिठास आ जाती है।
हाईटेक हो रही अमरूद की खेती
अब अमरूद की खेती भी हाईटेक होती जा रही है। किसान सीधे ठेकेदारों को बगीचे बेच देते हैं, जो स्वयं तुड़ाई और विपणन का कार्य करते हैं। कई बगीचों में पैकिंग का कार्य भी शुरू हो चुका है।
75 प्रतिशत तक मिल रहा अनुदान
कृषि विभाग के अनुसार किसानों को रजिस्टर्ड नर्सरी से पौधे लेने पर सरकार द्वारा 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। ड्रिप सिंचाई और तकनीकी मार्गदर्शन से किसानों की आय में वृद्धि हो रही है।