दिल्ली पहुंचे किसान, आज होगा बड़ा प्रदर्शन
(सभी तस्वीरें- हलधर)भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में किसानों का आंदोलन एक बार फिर चर्चा में है। दिल्ली के जंतर-मंतर और किसान घाट पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हरियाणा-दिल्ली सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सोनीपत के कुंडली बॉर्डर पर पुलिस ने तीन स्तरीय बैरिकेडिंग, वाहनों की सघन जांच और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है। इसके बावजूद किसान संगठनों का दावा है कि कई किसान नेता भेष बदलकर दिल्ली पहुंचने में सफल रहे हैं।
कुंडली बॉर्डर पर सख्त सुरक्षा
दिल्ली में किसानों के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए कुंडली बॉर्डर को सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह मजबूत कर दिया गया है। दिल्ली की ओर जाने वाले हर वाहन की जांच की जा रही है और पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है। कई स्थानों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगाई गई है ताकि किसी भी स्थिति में भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि ये कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों को परेशानी से बचाने के लिए उठाए गए हैं।
भेष बदलकर दिल्ली पहुंचने का दावा
किसान संगठनों का दावा है कि सुरक्षा जांच के बावजूद कुछ किसान नेता अलग-अलग भेष में दिल्ली पहुंच गए हैं। किसान नेता सत्यवान नरवाल के भेष बदलकर राजधानी पहुंचने की चर्चा भी तेज है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यह दावा आंदोलन को लेकर नई बहस का विषय बन गया है।
किसानों का ट्रेड डील पर विरोध
किसान संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील का सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है। उनका आरोप है कि यदि विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में अधिक पहुंच मिलती है, तो देश के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का मानना है कि इस तरह के समझौतों से खेती की लागत और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ेंगी, जिससे छोटे और मध्यम किसान प्रभावित हो सकते हैं।
प्रशासन और किसान आमने-सामने
किसान नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं। उनका कहना है कि किसानों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है जैसे वे कोई खतरा हों। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है।
जंतर-मंतर पर आज नजरें
दिल्ली के जंतर-मंतर और किसान घाट पर होने वाले प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं, जबकि किसान संगठन अपने विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में आज का दिन किसान आंदोलन और प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।