इस रबी सीजन में रिकॉर्ड बढ़त, जानें अबतक किस फसल की हुई सर्वाधिक बुआई

नई दिल्ली 18-Nov-2025 02:09 PM

इस रबी सीजन में रिकॉर्ड बढ़त, जानें अबतक किस फसल की हुई सर्वाधिक बुआई

(सभी तस्वीरें- हलधर)

देश में अच्छे मानसून के बाद अब अधिकांश राज्यों में रबी सीजन की बुआई चल रही है। अच्छी बारिश की वजह से इस बार किसानों ने समय से पूर्व ही बुआई शुरू कर दी थी। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, इस बार रबी सीजन की बंपर बुआई हुई है, पिछले साल के रिकॉर्ड को पार कर चुकी है। वर्ष 2025 में रबी फसलों की बुआई 208.19 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को पार कर गई है, जो गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 19.46 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की तरफ से सोमवार को ये आंकड़े जारी किए गए हैं। कृषि विभाग के ताजा आंकड़े 11 नवंबर तक की गई रबी फसल बुआई के हैं। आंकडों के अनुसार, दालों और श्री अन्न यानी मोटे अनाज की बुआई में इस बार रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।

दालें, मोटे अनाज और तिलहनी फसलों में इजाफा

केंद्रीय कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार रबी सीजन में प्रमुख फसलों की बुआई बढ़ी है। दालें, मोटे अनाज (श्रीअन्न) और तिलहनी फसलों में इजाफा हुआ है, जो इस बात का भी संकेत है कि रबी सीजन की शुरुआत मजबूत हुई है। इस बार दालों में मजबूत बढ़ोतरी देखी गई है और दालों का बुआई क्षेत्र 52.82 लाख हेक्टेयर तक बढ़ा है। यह गत वर्ष के 48.93 लाख हेक्टेयर से अधिक है। यानी अबतक की बुआई में दालों का क्षेत्र कुल 3.88 लाख हेक्टेयर बढ़ा है। 

दालों में मुख्य योगदान देने वाली फसलें इस प्रकार हैं:- 
चना: 37.43 लाख हेक्टेयर (3.39 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी)
मसूर: 6.83 लाख हेक्टेयर (0.74 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी)
फील्ड मटर: 4.75 लाख हेक्टेयर (0.51 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी)

हालांकि, कुछ फसलों में मामूली गिरावट भी देखी गई है, जिसमें उड़द, मूंग, कुसुम और कुछ और दालें शामिल हैं। इसके अलावा श्रीअन्न और मोटे अनाजों का क्षेत्र बढ़कर 15.53 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यह गत वर्ष के 13.50 लाख हेक्टेयर की तुलना में 2.04 लाख हेक्टेयर बढ़त दर्शाता है। वहीं, इस बार तिलहनी फसलों के क्षेत्र में भी बढ़ोतरी देखी गई है।

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस बार रागी, जौ और छोटे बाजरा में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। तिलहनी फसलों की बुवाई 66.17 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जो पिछले साल की तुलना में 3.24 लाख हेक्टेयर की वृद्धि को दर्शाती है। साथ ही रेपसीड और सरसों की बुवाई 64.23 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गई है। इसमें 3.71 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी तरह से सैफ्लॉवर (कुसुम) और सूरजमुखी में भी सुधार देखा गया है। हालांकि, मूंगफली, तिल और अलसी (लिनसीड) में मामूली गिरावट दर्ज की गई है।

जिन फसलों में महत्वपूर्ण इजाफा हुआ है, वो कुछ इस प्रकार हैं:- 

ज्वार: 8.82 लाख हेक्टेयर
मक्का: 4.26 lakh हेक्टेयर

गेहूं और चावल बुवाई में भी बढ़ोतरी दर्ज

रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार देश में गेहूं और चावल फसल की बुवाई में बढ़त देखी गई है। गेहूं की बुवाई जहां 66.23 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है, वहीं धान का क्षेत्र 7.44 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है। गेहूं की फसल में 9.68 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और चावल में पिछले वर्ष की तुलना में 0.62 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। कुल मिलाकर इस बार रबी फसलों का बुवाई क्षेत्र बढ़कर 208.19 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। ये आंकड़ें वर्ष 2024 सीजन की अवधि के 188.73 लाख हेक्टेयर की तुलना में काफी अधिक है। कृषि विभाग को आने वाले हफ्तों में बुवाई गतिविधियों में और तेजी आने का अनुमान है, क्योंकि इस बार सर्दियों की बारिश का पैटर्न स्थिर देखा जा रहा है।

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