ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का विरोध शुरू, किसानों ने दी ये चेतावनी
(सभी तस्वीरें- हलधर)प्रदेश में सिक्स लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का विरोध शुरू हो गया है और किसानों ने सरकार को विरोध जताते हुए चेतावनी दी है।
क्षेत्र के किसान नीमकाथाना से निकल रहे कोटपूतली-किशनगढ़ सिक्स लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का विरोध कर रहे हैं। छह लेन एक्सप्रेस-वे को लेकर किसानों ने भूदोली बाइपास पर पंचायत कर आंदोलन की शुरुआत कर दी है। यहां आयोजित की गई महापंचायत में किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि सरकार कोटपूतली-किशनगढ़ सिक्स लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे की घोषणा को तत्काल वापस ले। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों ने खेत के लिए यमुना का जल, एमएसपी का कानून, खराब हुई फसल का मुआवजा तथा युवाओं को रोजगार देने की मांग सरकार से की थी। लेकिन, सरकार ने ये काम तो किए नहीं, बल्कि किसानों की ज़मीन लेना शुरू कर दी है।
किसान सभी जगह कर रहे इन कॉरिडोर का विरोध
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सरकार कोटपूतली-किशनगढ़ छह लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए 6500 बीघा जमीन का अधिग्रहण करेगी। राजस्थान में इस तरह के नौ कॉरिडोर है। किसान सभी जगह से इन कॉरिडोर का विरोध कर रहे है। रामपाल जाट ने बताया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे किसानों के लिए उपयोगी नहीं है। यह लगभग 15 फीट ऊपर बनाए जाएगे। ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के कारण अगर किसी किसान का खेत दो भागों में बंट गया तो वो परेशान हो जाएगा।
जमीन पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: किसान
भूदोली बाइपास पर आयोजित इस महापंचायत में मौजूद किसानों ने कहा कि बिना उचित मुआवजे व पुनर्वास नीति के हमारी ज़मीनों पर कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए। किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, 'ऐसा नहीं होने पर राज्य में सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। महापंचायत में किसानों ने एकस्वर में कहा, 'जान दे देंगे, लेकिन ज़मीन नहीं देंगे।' इस दौरान किसान महापंचायत के प्रदेश अध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रवीण जाखड़, पार्षद राजपाल डोई, सरपंच बसंत यादव सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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