गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन पर कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
(सभी तस्वीरें- हलधर)यांत्रिक कृषि फार्म उम्मेदगंज, कोटा द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और बीज उत्पादन की उन्नत तकनीकों के प्रसार के उद्देश्य से 7 मार्च को “गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन” विषय पर एक दिवसीय कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कृषि विश्वविद्यालय कोटा के तत्वावधान में ICAR-भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद द्वारा प्रोयोजित था। प्रभारी अधिकारी यांत्रिक कृषि फार्म उम्मेदगंज एवं सह-निदेशक अनुसंधान डॉ. अर्जुन कुमार वर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम अनुसूचित जाति उप-योजना (SCSP) के तहत आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य किसानों को बीज उत्पादन कौशल विकास के लिए प्रेरित करना है।
बीज उत्पादन से बढ़ सकती है किसानों की आय
आईसीएआर-आईआईडब्ल्यूबीआर, करनाल निदेशक एवं मुख्य अतिथि डॉ. रतन तिवारी ने कहा कि बीज कृषि का सबसे महत्वपूर्ण आदान है। इसके माध्यम से किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि को उद्यम के रूप में विकसित कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को कृषि विश्वविद्यालय से जुड़कर बीज उत्पादन की जानकारी बढ़ाने की सलाह दी।
बीज से आत्मनिर्भरता की ओर कदम
कृषि विश्वविद्यालय कोटा के अनुसंधान निदेशक डॉ. एम. सी. जैन ने कहा कि बीज कृषि में आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय कोटा देश में गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और यहां के बीजों पर किसानों का भरोसा भी मजबूत है।
उन्नत तकनीकों से बढ़ेगा उत्पादन
आईसीएआर-आईआईडब्ल्यूबीआर, करनाल के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अमित शर्मा ने किसानों को बीज उत्पादन की महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की जानकारी दी। वहीं, क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान डॉ. भवानी शंकर मीणा ने बताया कि यहां की प्रमुख फसलों की कई उन्नत किस्में विकसित की गई हैं, जिनसे उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है।
किसानों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण में कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने बीज उत्पादन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। इसमें डॉ. बी. एल. ढाका, डॉ. राजेश कुमार और डॉ. भूरी सिंह सहित अन्य वैज्ञानिकों ने किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन दिया। इसके अलावा एनएससी कोटा से महेन्द्र कुमार और आरएसएसओसीए से नरेंद्र जैन ने गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन के बारे में जानकारी साझा की।
कोटा, बूंदी और बारां के किसानों की भागीदारी
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोटा, बूंदी और बारां जिलों से करीब 50 किसानों ने भाग लिया। इसमें बड़ी संख्या में महिला किसानों की भी भागीदारी रही। प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को रात में कृषि कार्यों के लिए टॉर्च भी वितरित की गई। प्रशिक्षण के बाद मुख्य अतिथि डॉ. रतन तिवारी ने यांत्रिक कृषि फार्म, उम्मेदगंज में चल रहे बीज उत्पादन क्षेत्र का भ्रमण कर संतोष व्यक्त किया और केंद्र के कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।
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