MSP घोटाला: फर्जी दस्तावेजों से 22 हजार क्विंटल गेहूं की बिक्री
(सभी तस्वीरें- हलधर)हनुमानगढ़। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद वर्ष 2026-27 के दौरान एमएसपी प्रोक्योरमेंट राजस्थान पोर्टल पर कथित रूप से बोगस दस्तावेज अपलोड कर अनुचित लाभ प्राप्त करने वाले भूमिधारकों, बटाईदारों एवं संबंधित आढ़तियों की जांच जिला प्रशासन और कृषि विपणन विभाग द्वारा गहनता से की जा रही है। क्षेत्रीय उपनिदेशक कृषि विपणन विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि हनुमानगढ़ टाउन, हनुमानगढ़ जंक्शन, संगरिया, टिब्बी, पीलीबंगा, रावतसर, गोलूवाला, जाखड़ावाली और तलवाड़ा गौण मंडी सहित विभिन्न खरीद केन्द्रों पर हुए गेहूं विक्रय की जांच की जारी है। उन्होंने बताया कि अब तक की जांच में 73 बटाईदारों और 21 भूमिधारकों द्वारा बोगस ठेकानामा, स्वघोषणा पत्र और अन्य कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से समर्थन मूल्य योजना का अनुचित लाभ उठाने के मामले सामने आए हैं। जांच में यह भी पाया गया है कि इन प्रकरणों में विभिन्न मंडियों के 43 आढ़तियों के माध्यम से गेहूं का विक्रय किया गया।
बेचा 36, 762 क्विंटल गेहूं
प्रारंभिक जांच के अनुसार संबंधित भूमिधारकों और बटाईदारों की भूमि और गिरदावरी रिकॉर्ड के आधार पर कुल 13, 803 क्विंटल गेहूं का विक्रय होना था। जबकि, पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 36, 762 क्विंटल गेहूं का समर्थन मूल्य पर विक्रय किया गया। इस प्रकार अब तक 22,959 क्विंटल गेहूं का अतिरिक्त एवं संदिग्ध विक्रय सामने आया है। यह अंतर बोगस दस्तावेजों और कथित फर्जी ठिकानामों के उपयोग की ओर संकेत करता है।
43 आढ़तियों को नोटिस
उन्होंने बताया कि जिन आढ़तियों के माध्यम से यह विक्रय किया गया, उन्हें संबंधित मंडी समितियों द्वारा नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, भूमिधारकों से भी जिला रसद अधिकारी ने व्यक्तिशः उपस्थित होकर दस्तावेजों के साथ जवाब देने को कहा है।