किसानों को बड़ा झटका, जांच में वायरस संक्रमित मिला बसंत सीड का खीरा बीज
किसानों को बड़ा झटका, जांच में वायरस संक्रमित मिला बसंत सीड का खीरा बीज
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। बीज कम्पनियां किसानों को बड़े-बड़े दावों के साथ ऊंची कीमत पर घटिया खीरा बीज की बिक्री कर रही हैं। कुछ ऐसा ही खुलासा हुआ है कृषि विभाग की जांच रिपोर्ट में। मामला सीकर जिले के आधा दर्जन किसानों की खीरा फसल से जुड़ा हुआ है। किसानों की शिकायत पर मामले की जांच के लिए कृषि विभाग ने जांच टीम का गठन किया। जांच टीम ने जांच रिपोर्ट में खीरा बीज को वायरस संक्रमित बताया है। इसके साथ ही थोथे दावों की भी पोल खुल चुकी है। बता दें कि किसानों ने मै. विकास सीड्स सीकर से खीरे का आविष्कार बीज खरीदा था। यह खीरा बीज किस्म बसंत सीड्स कारपोरेशन, बंगलूरू के द्वारा तैयार की गई है। कृषि विभाग ने अपनी जांच में बीज को ग्रीन मॉटल मोजेक वायरस से संक्रमित बताया है।
यह था मामला
सीकर जिले के किसान बिरजू सिंह, शिवकुमार जाट-कल्याणपुरा, कमलेश धायल, सीताराम जाट-श्यामपुरा और गोगराज जाट-श्रीरामपुरा ने मै. विकास सीड्स से बसंत सीड्स कंपनी की आविष्कार खीरा किस्म का बीज खरीदा। किसानों को बीज बिक्री करते समय विक्रेता ने 4 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में 60 टन पैदावार का भरोसा किसानों को दिलाया। लेकिन, उत्पादन 6-8 टन ही मिला। इससे किसानों को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। किसानों ने बताया कि उपज कम आने की शिकायत संबंधित विक्रेता से की गई तो उसने कोई ध्यान नहीं दिया। बता दें कि किसानों की शिकायत पर कृषि आयुक्तालय ने सात सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था।
20 दिन बाद आई समस्या
किसानों ने बताया कि फसल बुवाई के 20 दिन बाद ही फसल में वायरस का प्रकोप शुरू हो गया था। नियंत्रण के लिए कई उपाय अपनाएं। लेकिन, फसल में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद किसानों ने राजस्थान सरकार के सम्पर्क पोर्टल 181 और उद्यान विभाग में शिकायत दी।
जांच टीम ने यह माना
उपनिदेशक उद्यान सीकर डॉ. मदन लाल के नेतृत्व में गठित टीम ने माना कि बीज मोजेक वायरस संक्रमित था। नई-पुरानी पत्तियों पर गहरे-हल्के रंग के धब्बे नजर आ रहे थे। पौधों के शीर्ष भाग की वृद्धि रुक गई थी। साथ ही, पूरा पौधा झाड़ीनुमा नजर आ रहा था। संक्रमित पौधों पर लगे फल टेढ़े-मेढ़े और कुरूप थे। संक्रमित फल का गूदा स्पंजी, हल्के भूरे रंग का पाया गया।