40% कम बारिश ने बढ़ाई खरीफ किसानों की चिंता

नई दिल्ली 20-Jun-2026 04:45 PM

40% कम बारिश ने बढ़ाई खरीफ किसानों की चिंता

(सभी तस्वीरें- हलधर)

देश में इस साल मानसून की शुरुआत किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली साबित हो रही है। जून के शुरुआती दो हफ्तों में देशभर में करीब 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। कम बारिश और बढ़ते तापमान ने खेतों की नमी को तेजी से कम कर दिया है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और सब्जियों के उत्पादन पर संकट गहरा गया है।

22 राज्यों में सूखे जैसे हालात

देश के लगभग 22 राज्यों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। गुजरात और महाराष्ट्र में 78 प्रतिशत, झारखंड में 70 प्रतिशत, बिहार में 40 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 24 प्रतिशत तक कम वर्षा दर्ज की गई है। वर्तमान में देश का 48 प्रतिशत क्षेत्र कम वर्षा और 24 प्रतिशत क्षेत्र अत्यधिक कम वर्षा की श्रेणी में आ गया है।

खरीफ बुवाई पर बढ़ा खतरा

कम बारिश और तेज गर्मी के कारण खेतों की नमी खत्म होती जा रही है। ऐसे में धान, मक्का, अरहर और मूंग जैसी खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसान पर्याप्त बारिश होने तक बुवाई में जल्दबाजी न करें।

कम अवधि वाली फसलें चुनने की सलाह

कृषि वैज्ञानिक के अनुसार किसानों को ऐसी फसल किस्मों का चयन करना चाहिए जो कम समय में तैयार हो जाएं और सूखे को सहन कर सकें। इससे मानसून जल्दी समाप्त होने की स्थिति में भी फसल को नुकसान कम होगा।

खाद का संतुलित उपयोग जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि कम बारिश की स्थिति में खेतों में अधिक मात्रा में यूरिया या नाइट्रोजन का प्रयोग नहीं करना चाहिए। मिट्टी में नमी कम होने पर ज्यादा खाद पौधों को नुकसान पहुंचा सकती है। किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर खाद का उपयोग किस्तों में करने की सलाह दी गई है।

सब्जियों पर गर्मी का असर

अप्रैल से जून के बीच 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने वाला तापमान सब्जियों की फसलों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। टमाटर, मिर्च, बैंगन, खीरा और लौकी जैसी फसलें तेज गर्मी के कारण प्रभावित हो रही हैं। लू के चलते फूल और छोटे फल समय से पहले झड़ रहे हैं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है।


ट्रेंडिंग ख़बरें