किसानों की लागत घटाने और भारत को फूड बास्केट बनाने का लक्ष्य: कृषि मंत्री

नई दिल्ली 10-Mar-2026 07:15 PM

किसानों की लागत घटाने और भारत को फूड बास्केट बनाने का लक्ष्य: कृषि मंत्री

(सभी तस्वीरें- हलधर)

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल सरकार और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की सरकार राजनीतिक कारणों से केंद्र की कई महत्वपूर्ण कृषि योजनाओं को लागू नहीं कर रही है, जिससे गरीब किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। मंत्री ने कहा कि देश के अधिकांश राज्यों में किसानों को इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल में कई योजनाएं केवल इसलिए रोकी जा रही हैं क्योंकि उनमें प्रधानमंत्री का नाम जुड़ा हुआ है।

घटिया राजनीति से किसानों को नुकसान

कृषि मंत्री चौहान ने इसे किसानों के हितों के खिलाफ “घटिया राजनीति” बताते हुए कहा कि ऐसी नीतियों से सीधे खेतों में काम करने वाले किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश के 100 में से 96 जिलों में कृषि विकास से जुड़ी योजनाएं लागू हो चुकी हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल के कुछ सीमावर्ती जिलों को इससे बाहर रखा गया है। इन योजनाओं से किसानों को तकनीक, वित्तीय सहायता और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती थी।

विपक्ष के रवैये पर भी उठाए सवाल

शिवराज सिंह चौहान ने संसद में विपक्षी दलों की रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष तख्तियां लेकर विरोध और नारेबाजी में लगा हुआ है, जबकि सरकार किसानों के हित में योजनाओं को आगे बढ़ाने में जुटी है। मंत्री ने कहा कि संसद में हंगामा करने से किसानों की समस्याएं हल नहीं होंगी और देश देख रहा है कि कौन किसान हित में काम कर रहा है।

खाद्यान्न उत्पादन में भारत का नया रिकॉर्ड

कृषि मंत्री ने बताया कि देश के कृषि क्षेत्र ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि भारत का कुल खाद्यान्न उत्पादन लगभग 357 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। चावल उत्पादन 150 मिलियन टन से अधिक के साथ भारत विश्व में अग्रणी स्थान पर पहुंच गया है, जबकि गेहूं, सरसों, सोयाबीन और मूंगफली के उत्पादन में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

दाल और बागवानी उत्पादन में भी वृद्धि

चौहान ने बताया कि दालों के उत्पादन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्षों में दाल उत्पादन करीब 19 मिलियन टन से बढ़कर 25–26 मिलियन टन तक पहुंच गया है। वहीं फल और सब्जियों सहित बागवानी उत्पादन 369 मिलियन टन से अधिक हो चुका है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और देश की पोषण सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिली है।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर

कृषि मंत्री ने प्राकृतिक खेती को टिकाऊ कृषि व्यवस्था का भविष्य बताते हुए कहा कि इससे मिट्टी की सेहत सुधरती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है। गंगा सहित प्रमुख नदियों के किनारे बड़े क्षेत्रों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की पहल की जा रही है और लाखों किसानों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया है।

भारत को ‘फूड बास्केट ऑफ द वर्ल्ड’ बनाने का लक्ष्य

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य भारत को वैश्विक स्तर पर खाद्यान्न उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाना है। रिकॉर्ड उत्पादन और मजबूत कृषि नीतियों के कारण भारत कई देशों के लिए भरोसेमंद खाद्य आपूर्तिकर्ता के रूप में उभर रहा है। मंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।

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