कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर का 14वां स्थापना दिवस समारोह

नई दिल्ली 15-Sep-2026 12:57 PM

कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर का 14वां स्थापना दिवस समारोह

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जोधपुर! कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के 14वें स्थापना दिवस समारोह में कुलगुरु प्रो. वीरेंद्र सिंह जैतावत ने किसान केंद्रित अनुसंधान, गांवों तक तकनीक पहुंचाने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों, उद्यमियों और वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल समारोह के मुख्य अतिथि रहे!

कृषि में स्मार्ट और डिजिटल तकनीक की जरूरत

मुख्य अतिथि प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान की कृषि ग्लोबल वार्मिंग, शुष्क जलवायु, जल संकट, बढ़ती लागत और सीमित संसाधनों जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में कृषि को केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। किसानों को स्मार्ट और डिजिटल कृषि की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने कृषि में तकनीकी समावेश के लिए कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर और आईआईटी जोधपुर के बीच सहयोग को आवश्यक बताया।

कृषि और तकनीक के समन्वय पर जोर

जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि तकनीक जीवन को आसान बनाने और आगे बढ़ने में सहायक हो सकती है, लेकिन जीवन का आधार अन्न है। उन्होंने कहा कि कृषि में तकनीक का समावेश इस प्रकार किया जाना चाहिए, जिससे स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के समाधान में भी मदद मिले!  डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ला ने कहा कि जीवन की समृद्धि, आरोग्य और अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है। उन्होंने विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों से राष्ट्रहित में नवाचार तथा कृषक हित में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करने का आह्वान किया।

गुणवत्ता सुधार पर जोर 

संस्थापक कुलगुरु डॉ. एल.एन. हर्ष ने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में केवल मात्रा बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि गुणवत्ता सुधार पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। वही एमबीएम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अजय कुमार शर्मा ने कहा कि वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों को राष्ट्र को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए दोगुनी मेहनत करनी चाहिए! एफडीडीआई के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते दौर में अपनी भाषा, संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर  गजेंद्र सिंह पोषाण ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।

रियल टाइम रिपोर्टिंग सिस्टम का विमोचन

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं शैक्षणिक सदस्यों द्वारा तैयार पाठ्य सामग्री, सूचना बुलेटिन, फोल्डर, लैब मैनुअल्स और ई-बुक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के रियल टाइम रिपोर्टिंग सिस्टम का उद्घाटन भी किया गया।

प्रगतिशील किसानों, उद्यमियों और वैज्ञानिकों का सम्मान

स्थापना दिवस समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों श्रवण सिंह और प्रेमाराम, डेयरी क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए श्रेयांश मेहता, स्टार्टअप के लिए पूरण सिंह भाटी, पूर्व निदेशक अनुसंधान डॉ. जी.एन. परिहार और बाजरे की किस्म विकसित करने में सहयोग के लिए डॉ. विकास खंडेलवाल को सम्मानित किया गया। इसके अलावा विश्वविद्यालय के डॉ. सुरेश चंद मीणा, डॉ. रूपल धूत, डॉ. प्रकाश चंद यादव, कोच लक्ष्मण राठौड़, क्लर्क ग्रेड प्रथम प्रवीण कुमार, फार्म मैनेजर अनीता टोडावत, प्रयोगशाला सहायक सोनू मेहता और कृषि पर्यवेक्षक हेमंत अमेठा को भी सम्मानित किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

समारोह में विद्यार्थियों ने विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से विश्वविद्यालय की विकास यात्रा को भी दर्शाया गया। स्वागत उद्बोधन डॉ. प्रदीप पगारिया ने दिया, जबकि विश्वविद्यालय का संक्षिप्त इतिहास डॉ. नलिनी रामावत ने प्रस्तुत किया। आभार डॉ. महेंद्र कुमार ने व्यक्त किया।


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