लंपी रोग की रोकथाम के लिए सतर्कता बढ़ाने के निर्देश
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। प्रदेश में गोवंश को लंपी स्किन डिजीज से सुरक्षित रखने के लिए पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीतारामजी भाले की अध्यक्षता में पशुधन भवन में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रोग की स्थिति, टीकाकरण, उपचार, डोर-टू-डोर सर्वेक्षण और दवाइयों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। साथ ही, पशु मेलो और पशु हाट पर अस्थायी रोक लगाई गई है!
प्रमुख शासन सचिव ने अधिकारियों को प्रभावित जिलों में निगरानी बढ़ाने तथा अप्रभावित जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला स्तर पर प्रतिदिन समीक्षा, समयबद्ध रिपोर्टिंग और विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता, फॉगिंग, आइसोलेशन सेंटर, साफ-सफाई और रैपिड रेस्पॉन्स टीमों को सक्रिय रखने पर जोर दिया।
संक्रमण की रोकथाम के लिए पशु मेलों और हाटों के आयोजन पर अस्थायी रोक लगाने तथा पशुओं के आवागमन को सीमित करने के निर्देश दिए गए। पशुपालकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और स्थानीय माध्यमों से प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया गया।
बैठक में पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश मीना, गोपालन विभाग की निदेशक कश्मी कौर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पशुपालकों से लंपी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम पशु चिकित्सा केंद्र या कंट्रोल रूम से संपर्क करने की बात कही!