जलवायु अनुकूल कृषि, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर

नई दिल्ली 15-Sep-2026 01:04 PM

जलवायु अनुकूल कृषि, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर

(सभी तस्वीरें- हलधर)

कोटा! कृषि विश्वविद्यालय, कोटा का 14वां स्थापना दिवस और हिंदी दिवस  हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कुलगुरु डॉ. विमला डुंकवाल की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में महाराष्ट्र राज्य कृषि मूल्य आयोग के अध्यक्ष पाशा पटेल मुख्य अतिथि रहे। पूर्व एवं संस्थापक कुलगुरु डॉ. जेड.एस. सोलंकी और गोरक्षा धाम के बाबा निरंजन दास महाराज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि पाशा पटेल ने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को कृषि के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए वृक्ष आधारित कृषि को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने बाँस जैसी तेजी से बढ़ने वाली प्रजातियों को कृषि प्रणाली में शामिल करने, मृदा में कार्बन संरक्षण एवं संचयन तथा किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने की आवश्यकता बताई! वही बाबा निरंजन दास महाराज ने रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अनावश्यक उपयोग को कम करने का आह्वान किया। उन्होंने मृदा, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के संरक्षण के लिए जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

वैल्यू एडिशन पर जोर 

पूर्व एवं संस्थापक कुलगुरु डॉ. जेड.एस. सोलंकी ने फल उत्पादन, कृषि उपज के मूल्य संवर्धन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने हाईटेक खेती, संरक्षित खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर कृषि को बाजारोन्मुख बनाने पर जोर दिया।अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु डॉ. विमला डंकवाल ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के अनुरूप कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों एवं नवीन कृषि पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों को बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप आगे बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित किया।

उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान

समारोह में स्थापना दिवस कार्यक्रम के समन्वयक और निदेशक छात्र कल्याण डॉ. वीरेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालय की गत वर्ष की उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार डॉ. राकेश कुमार यादव, सर्वश्रेष्ठ अनुसंधान वैज्ञानिक पुरस्कार डॉ. एच.पी. मेघवाल, सर्वश्रेष्ठ प्रसार शिक्षाविद् पुरस्कार डॉ. गुंजन सनाढ्य और सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी पुरस्कार मंजू मीना को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

क़ृषि साहित्य का विमोचन 

अतिथियों ने विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रकाशनों, द्विभाषीय त्रैमासिक समाचार पत्र, मशरूम उत्पादन तकनीकी पुस्तिका, मृदा विज्ञान की क्विज पुस्तिका तथा तीन मैनुअलों का विमोचन भी किया।

सम्मेलन में बही काव्यधारा

स्थापना दिवस के साथ हिंदी दिवस भी मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन में वीर रस के कवि राजेंद्र पंवार, श्रृंगार रस के कवि लोकेश मृदुल, हास्य रस के कवि दुर्गाशंकर धांसू और राजस्थानी कवि अखिलेश अखिल ने काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।

 


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