मोदी सरकार की सौगात, राजस्थान में खुलेगा पहला प्राकृतिक खेती उत्कृष्टता केंद्र
मोदी सरकार की सौगात, राजस्थान में खुलेगा पहला प्राकृतिक खेती उत्कृष्टता केंद्र
(सभी तस्वीरें- हलधर)केंद्र सरकार और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने राजस्थान के कोटा संभाग के किसानों को बड़ी सौगात दी है। मोदी सरकार ने बड़ी पहल करते हुए कृषि विश्वविद्यालय कोटा के कृषि अनुसंधान केंद्र, उम्मेदगंज में प्राकृतिक खेती उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की मंजूरी दी है। यह केंद्र राजस्थान का पहला ऐसा संस्थान होगा, जो प्राकृतिक खेती को समर्पित होगा।
हाड़ौती क्षेत्र में नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य हाड़ौती क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और नई कृषि तकनीकों का विकास करना है। यहां फसलों के लिए नवीन तकनीकों और कृषि नवाचारों पर शोध कार्य किया जाएगा, जिससे किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती के विकल्प मिल सकें।
स्थानीय संसाधनों से खेती को बढ़ावा
परियोजना के तहत स्थानीय स्तर पर उपलब्ध वनस्पतियों की पहचान कर कीट नियंत्रण और फसल पोषण के लिए जैविक तरल खादों पर अनुसंधान किया जाएगा। इसके अलावा प्राकृतिक खेती में खरपतवार प्रबंधन पर भी विशेष फोकस रहेगा, ताकि बेहतर उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके।
लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ेगा
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, प्राकृतिक खेती से किसानों की लागत में कमी आएगी और मिट्टी की उर्वरता में सुधार होगा। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और दीर्घकाल में उत्पादन बढ़ने की संभावना है। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
किसानों और छात्रों को मिलेगा लाभ
इस परियोजना के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय, कोटा के एमएससी और पीएचडी छात्रों को शोध कार्य से जोड़ा जाएगा। साथ ही किसानों को जागरूक कर उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे वे रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर सकें।
सतत कृषि की दिशा में बड़ा कदम
कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह केंद्र सतत और पर्यावरण अनुकूल कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यहां विकसित तकनीकों का प्रसार कर किसानों को सीधे लाभ पहुंचाया जाएगा।