न्वोन्मेषी कृषि में रोजगार की संभावना ज्यादा

नई दिल्ली 13-Dec-2025 03:47 PM

न्वोन्मेषी कृषि में रोजगार की संभावना ज्यादा

(सभी तस्वीरें- हलधर)

कोटा। कृषि अनुसंधान केन्द्र, कोटा में विश्व मृदा दिवस के मौके पर कृषि जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस मौके पर के न्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एमके शर्मा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में रोजगार की कमी नहीं है। उन्होंने न्वोन्मेषी कृषि में रोजगार की संभावना और भविष्य निर्माण के बारे में जानकारी दी। वहीं, क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान डॉ. बीएस मीणा ने कहा कि स्वस्थ मृदा ही स्वस्थ जीवन की नींव है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. आरके यादव ने मृदा क्षरण, जलवायु परिवर्तन और बढते शहरीकरण के कारण मिट्टी के हो रहे नुकसान पर व्याख्यान दिया। डॉ. सोनल शर्मा ने मृदा निर्माण प्रक्रिया, भौतिक-रासायनिक गुणों, मृदा पीएच. और  जल धारण क्षमता के बारे में बताया। कार्यक्रम में भूवनेश बाल विद्यालय कोटा के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

बदला प्रशासनिक प्रभार

उधर, कुलगुरू डॉ. विमला डुंकवाल ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव किया है। इसमें वरिष्ठता का ध्यान रखा गया है। गौरतलब है कि कुलगुरू ने संबद्ध कॉलेज के डीन, डायरेक्टर और कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी बदले है। डॉ. एमसी जैन को डायरक्टेर रिसर्च लगाया है। वहीं, डॉ. एसके जैन को कृषि कॉलेज उम्मेदगंज का प्राचार्य बनाया है।

किसको कहां लगाया

  1. डॉ आईबी मौर्य-डीन, वानिकी कॉलेज झालावाड़
  2. डॉ एमसी जैन- डायरेक्टर ऑफ रिसर्च, कोटा
  3. डॉ जितेंद्र सिंह-डायरेक्टर एजुकेशन कोटा
  4. डॉ एसके जैन-डीन, कृषि महाविद्यालय, कोटा
  5. डॉ आशुतोष मित्रा- निदेशक, लैंड स्कैप रेवन्यू
  6. डॉ डीके सिंह- निदेशक एचआरडी
  7. डॉ हरीश वर्मा-परीक्षा नियंत्रक, कृषि विवि, कोटा
  8. डॉ महेंद्र सिंह-डायरेक्टर एक्सटेंशन एजुकेशन
  9. डॉ वीरेंद्र सिंह-डायरेक्टर, छात्र कल्याण, कोटा


ट्रेंडिंग ख़बरें