प्रदेश के किसान-पशुपालकों के लिए अच्छी ख़बर, दिल्ली बैठक में हुई ये चर्चा
प्रदेश के किसान-पशुपालकों के लिए अच्छी ख़बर, दिल्ली बैठक में हुई ये चर्चा
(सभी तस्वीरें- हलधर)राजस्थान के कोटा-बूंदी क्षेत्र के पशुपालकों के लिए डेयरी सेक्टर को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद भवन स्थित कार्यालय में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह के साथ बैठक कर डेयरी विकास की विस्तृत रणनीति पर चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य सहकारिता के जरिए पशुपालकों की आय बढ़ाना और डेयरी नेटवर्क को गांव-गांव तक मजबूत करना रहा।
दुग्ध संकलन बढ़ाने और आधुनिक सुविधाओं पर जोर
बैठक में निर्देश दिए गए कि दुग्ध संकलन को अधिकतम करने के लिए गांव स्तर पर डेयरी सहकारी समितियों का विस्तार किया जाए। साथ ही मिल्क कलेक्शन पॉइंट्स पर इलेक्ट्रॉनिक दूध परीक्षण उपकरण और बल्क मिल्क कूलर्स लगाने पर जोर दिया गया, ताकि दूध की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
डिजिटल भुगतान और स्वच्छ उत्पादन पर फोकस
पशुपालकों को उनके बैंक खातों में सीधे डिजिटल भुगतान सुनिश्चित करने और स्वच्छ दुग्ध उत्पादन प्रणाली अपनाने की बात कही गई। सफल डेयरी मॉडल के रूप में अमूल का उदाहरण देते हुए कोटा डेयरी को भी उसी दिशा में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
वेटरनरी कॉलेज और नस्ल सुधार की पहल
कोटा में प्रस्तावित वेटरनरी कॉलेज की प्रगति की समीक्षा करते हुए पशुओं की नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया गया, जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि हो सके।
चारा उत्पादन और बायोगैस योजना
बैठक में वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चारा उत्पादन प्लांट और छोटी बायोगैस इकाइयों की स्थापना पर भी चर्चा हुई, जिससे पशुपालकों की लागत कम होगी और आय बढ़ेगी। कुल मिलाकर, यह पहल कोटा-बूंदी के पशुपालकों के लिए आय बढ़ाने और डेयरी क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।