कुलगुरु ने रबी फसलों के बीज उत्पादन कार्यक्रम का लिया जायजा

नई दिल्ली 27-Feb-2026 07:09 PM

कुलगुरु ने रबी फसलों के बीज उत्पादन कार्यक्रम का लिया जायजा

(सभी तस्वीरें- हलधर)

कृषि विश्वविद्यालय, कोटा की कुलगुरु डॉ. विमला डूंकवाल ने यांत्रिक कृषि फार्म, उम्मेदगंज का भ्रमण कर रबी सीजन 2025-26 के तहत विभिन्न फसलों के बीज उत्पादन कार्यक्रमों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर संचालित गतिविधियों की प्रगति की सराहना करते हुए भविष्य में बीज उत्पादन बढ़ाने के लिए समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि योग्य भूमि के समतलीकरण और विस्तार पर विशेष ध्यान देने की बात कही, जिससे उत्पादन के साथ-साथ आय में भी वृद्धि हो सके।

बीज उत्पादन में नई संभावनाओं पर दिया जोर

कुलगुरु डॉ. डूंकवाल ने द्वितीयक कृषि मांग के अनुसार बीज उत्पादन को भी कार्यक्रम में शामिल करने का सुझाव दिया। वहीं कृषि विश्वविद्यालय, कोटा के निदेशक अनुसंधान डॉ. एम.सी. जैन ने बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए फसलों की कटाई के लिए त्वरित और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

फसलों के बीज उत्पादन, कटाई, गहाई की दी जानकारी

यांत्रिक कृषि फार्म, उम्मेदगंज के प्रभारी अधिकारी डॉ. अर्जुन कुमार वर्मा ने सरसों, धनिया, चना, मसूर, मटर, अलसी, राजमा और गेहूं सहित विभिन्न फसलों के बीज उत्पादन, कटाई, गहाई और परीक्षण कार्यों की जानकारी दी। साथ ही भूमि सुधार और समतलीकरण से जुड़े कार्यों का भी प्रदर्शन किया।

संयुक्त प्रयासों से मजबूत होगा बीज उत्पादन तंत्र

क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक डॉ. भवानी शंकर मीणा ने कृषि अनुसंधान केंद्र और कृषि फार्म के संयुक्त प्रयासों से बीज उत्पादन को सशक्त बनाने की आवश्यकता बताई। फार्म इंचार्ज डॉ. राजेश कुमार ने विभिन्न फसलों और किस्मों के परीक्षण, एमआईडीएच परियोजना के अंतर्गत धनिया की किस्म आरकेडी-18 के सत्यापित बीज उत्पादन और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर कृषि अनुसंधान केंद्र और फार्म के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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