गांवों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़े फैसले: मंदिरों के पट्टे समेत कई घोषणाएं..
गांवों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़े फैसले: मंदिरों के पट्टे समेत कई घोषणाएं..
(सभी तस्वीरें- हलधर)राजस्थान के पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने विधानसभा में पंचायती राज विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए ग्रामीण विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। चर्चा के बाद सदन ने पंचायती राज विभाग की 129 अरब 17 करोड़ 53 लाख 25 हजार रुपए की अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
ग्रामीण मंदिरों को मिलेंगे पट्टे, स्वामित्व योजना से 13 लाख लोगों को लाभ
मंत्री दिलावर ने कहा कि ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थित मंदिरों के नाम पट्टे जारी किए जाएंगे, जो ड्रोन सर्वे के आधार पर होंगे। इससे पानी, बिजली कनेक्शन और भूमि स्वामित्व से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा। उन्होंने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत अब तक 13 लाख लोगों को पट्टे वितरित किए जा चुके हैं।
हर गांव में स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान
सरकार ने सभी गांवों को चरणबद्ध तरीके से स्ट्रीट लाइट से रोशन करने का निर्णय लिया है। गांवों की परिसंपत्तियों को सूचीबद्ध कर ऑनलाइन किया जाएगा और अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। मंत्री दिलावर ने चेतावनी दी कि अतिक्रमण नहीं हटाने पर बाजार मूल्य के आधार पर राशि वसूल कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, तालाब क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाकर उनकी सफाई कराई जाएगी।
पंचायत कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता जांच के लिए लैब स्थापित
ग्रामीण विकास से जुड़े सभी कार्यों और योजनाओं की जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित अधिकारियों से राशि वसूली जाएगी। पंचायत समितियों में गुणवत्ता जांच के लिए विशेष लैब भी स्थापित की जा रही हैं।
जनसुनवाई अनिवार्य, शिकायतों का होगा ऑनलाइन निस्तारण
पंचायतों में नियमित जनसुनवाई आयोजित की जाएगी और प्राप्त शिकायतों को पोर्टल पर अपलोड कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी जिला कलेक्टर की तर्ज पर जनसुनवाई करेंगे। बेहतर प्रदर्शन, नशामुक्त और अपराधमुक्त गांवों को सम्मानित किया जाएगा।
ग्राम पंचायतों में मांस बिक्री के लिए लाइसेंस अनिवार्य
नगर पालिकाओं की तरह अब ग्राम पंचायत क्षेत्रों में भी मांस बिक्री के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र के साथ केवल व्यावसायिक दुकानों में बिक्री की अनुमति होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लिपिक भर्ती-2013 की एसओजी जांच, अधिकारियों को गांवों में रात्रि चौपाल के निर्देश
पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने लिपिक भर्ती-2013 में सामने आई अनियमितताओं की जांच एसओजी से कराने की घोषणा की। साथ ही अधिकारियों को हर माह चार बार गांवों में रात्रि चौपाल और रात्रि विश्राम करने के निर्देश दिए गए हैं। अनुपालन नहीं करने वाले अधिकारियों के वाहनों को वापस लेकर पूल में जमा कराया जाएगा।
गांवों में घर-घर कचरा संग्रहण, भारत निर्मित वस्तुओं का उपयोग अनिवार्य
शहरों की तर्ज पर अब गांवों में भी घर-घर कचरा संग्रहण के लिए वाहन भेजे जाएंगे। पंचायत कार्यालयों में भारत निर्मित वस्तुओं का उपयोग अनिवार्य किया गया है। विदेशी वस्तुएं मिलने पर संबंधित अधिकारी से वसूली की जाएगी।
गौवंश आश्रय स्थल और भूमि आवंटन की नई व्यवस्था
पंचायत समिति स्तर पर 20 हेक्टेयर क्षेत्र में गौवंश आश्रय स्थल विकसित किए जाएंगे, जिनमें तालाब और पौधारोपण भी किया जाएगा। इस योजना पर करीब 400 करोड़ रुपए खर्च होंगे। साथ ही ग्राम पंचायतों को 2 लाख रुपए तक के पट्टे नीलामी से जारी करने का अधिकार दिया गया है, जबकि अधिक राशि के मामलों में उच्च स्तर की स्वीकृति आवश्यक होगी। मंत्री दिलावर ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीण बुनियादी ढांचे, स्वच्छता तथा पारदर्शी प्रशासन को प्राथमिकता दी जाएगी।