खेती के साथ भेड़-बकरीपालन अपनाएं, बढ़ेगी किसानों की आय
(सभी तस्वीरें- हलधर)टोंक। केंद्रीय भेड़ और ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर द्वारा खेत बचाओ अभियान के तहत आबू रोड के सियावा गांव में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण कुमा तोमर ने कहा कि रासायनिक खेती के दुष्परिणाम किसी से छिपे नहीं है। लेकिन, संतोषजनक यह है कि टीएसपी किसान अब भी पारम्परिक तौर तरीकों से फसलों का उत्पादन ले रहे है। ऐसे में उनको फसल बिक्री के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। ताकि, उपज का पूरा मौल मिल सके।
उन्होंने किसानों को अतिरिक्त आय के लिए भेड़, बकरी और खरगोशपालन से जुड़ने की सलाह भी दी। इस मौके पर डॉ रंगलाल मीणा ने प्राकृतिक खेती, जैविक खाद, जीवामृत, फसल चक्र, बीज की मात्रा, बीज उपचार और डॉ राजेश बिश्नोई द्वारा किसान को असली नकली खाद की पहचान, मिट्टी की जाँच अनुसार पोषक का उपयोग पर अपनी बात रखी। टीएसपी नोडल अधिकारी डॉ अमरसिंह मीणा ने बताया की कार्यक्रम में 90 किसानों ने भाग लया।