पशुशाला में अंगीठी जलाना खतरनाक, सर्दी में अपनाएं सुरक्षित विकल्प
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। पशुओ को सर्दी से बचाने के लिए पशुपालक अंगीठी, कोयला, लकड़ी अथवा धुएँ वाले हीटर का उपयोग भूलकर भी ना करे। अन्यथा, पशु की जान पर आफत खड़ी होने का डर है। क्योंकि, अंगीठी अथवा कोयला जलाने से कार्बनमोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस उत्पन्न होती है। यह गैस रंगहीन एवं गंधहीन होती है, जिससे इसकी पहचान करना कठिन हो जाता है। गैस के कारण पशुशाला में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे पशुओं में घुटन, सुस्ती, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी और गंभीर मामलों में मृत्यु तक हो सकती है। यह खतरा विशेष रूप से बछड़े-बछडियों, गर्भवती, बीमार और कमजोर पशुओं में अधिक देखा जाता है।

अपनाएं सुरक्षित विकल्प
पशुशालाओं में खिड़की, रोशनदान और उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। लुवास विशेषज्ञों ने सुरक्षित विकल्पों को अपनाने पर भी जोर दिया है, जिनमें सूखा और मोटा बिछावन, ठंडी हवा रोकने के लिए तिरपाल या पर्दों का प्रयोग, पशुओं को समूह में रखना और आवश्यकता अनुसार इन्फ्रारेड बल्ब का सुरक्षित उपयोग शामिल है।
ठंड से बचाव ऐसे
कृषि महाविद्यालय बसेड़ी के पशुपालन वैज्ञानिक प्रो.शिव मूरत मीणा ने बताया कि पशुओं को सर्दी से बचाने के लिए उन्हें गर्म, सूखा और हवादार स्थान दें, गुनगुना पानी पिलाएं, उनके आहार में गुड़, खली, और ऊर्जा देने वाले अनाज शामिल करें, धूप दिखाएं, और समय पर टीकाकरण और डीवॉर्मिंग करवाएं । ताकि वे ठंड और बीमारियों से सुरक्षित रहें और स्वस्थ रहें.