डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा बूस्ट, डेवलपमेंट फंड होगा दोगुना

नई दिल्ली 27-Feb-2026 07:20 PM

डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा बूस्ट, डेवलपमेंट फंड होगा दोगुना

(सभी तस्वीरें- हलधर)

प्रदेश के गोपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में शुक्रवार को शासन सचिवालय में राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) से संबद्ध जिला दुग्ध संघों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 की बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान हनुमानगढ़, सीकर, जोधपुर, जैसलमेर, पाली, उदयपुर, भरतपुर, चूरू, कोटा और अलवर के दुग्ध संघों के अध्यक्ष और प्रबंध संचालकों ने अपने-अपने जिलों की परियोजनाओं की प्रगति, स्वीकृत राशि और वर्तमान स्थिति की जानकारी दी।

बजट घोषणाओं की प्रगति पर दिया विस्तृत प्रस्तुतीकरण

बैठक में पशुपालन एवं गोपालन विभाग के सचिव समित शर्मा और आरसीडीएफ की प्रबंध संचालक श्रुति भारद्वाज ने बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष मीनेश शाह और वित्त विभाग की संयुक्त सचिव भारती दीक्षित भी उपस्थित रहे।

डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में बड़ी वृद्धि

विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य सरकार द्वारा राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड को 1000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपए किए जाने के निर्णय पर विशेष चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए जिला दुग्ध संघों के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार और मंत्री जोराराम कुमावत का आभार जताया।

एनडीडीबी को परियोजना क्रियान्वयन एजेंसी बनाने पर सहमति

इस दौरान बताया गया कि कुछ परियोजनाओं के तकनीकी अनुमान एनडीडीबी द्वारा तैयार किए गए बजट से अधिक हैं। इस पर सहमति बनी कि भविष्य में संबंधित परियोजनाओं के तकनीकी अनुमान एनडीडीबी ही तैयार करेगा। साथ ही सभी जिला दुग्ध संघों ने सर्वसम्मति से एनडीडीबी को परियोजना क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में चयनित करने का अनुमोदन किया, जो वित्त विभाग की अंतिम स्वीकृति के अधीन रहेगा।

डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने पर जोर

पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने राज्य की सहकारी डेयरी संरचना को मजबूत करने और बजट घोषणाओं को समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सभी विभागों और दुग्ध संघों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से डेयरी क्षेत्र का विस्तार होगा और दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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