वन्यजीव मानव जीवन का हिस्सा
(सभी तस्वीरें- हलधर)बीकानेर। राजूवास के वन्य जीव अध्ययन केन्द्र द्वारा वन्य जीवों के बचाव तकनीको विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने कहा कि वन्य जीव, मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा है और बिना वन्य जीव के मानव जीवन संभव नही है। प्राकृतिक आपदा और सडक़ दुर्घटना के बाद वन्य जीवो को मिलने वाली प्राथमिक वेटरनरी चिकित्सा उनके बचाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यशाला में उपवन संरक्षक संदीप कुमार छलानी ने बताया कि बचाव की तकनीकें पशुचिकित्सकों को सीखनी अतिआवश्यक है क्योकि जिस तरह से कृषि योग्य भूमि बढ रही है उससे वन्यजीवों का विचरण होना कम होता जा रहा है जिससे वन्य जीवों को अधिक खतरा हाने लगा है।