सिर्फ 1 प्रतिशत करी पत्ता चूर्ण से मेमनों को मिलेगा बेहतर पोषण
(सभी तस्वीरें- हलधर)पीयूष शर्मा
बीकानेर। साग-सब्जी सहित कई पकवानो का स्वाद बढ़ाने वाला मीठा नीम यानी करी पत्ता अब मेगरा मेढ़ों की ग्रोथ बढ़ाने में काम आएगा। जी हां, सच यही है। राजस्थान पशु चिकित्सा विश्विद्यालय, बीकानेर में हुए शोध से इस बात का खुलासा हुआ है कि करी पत्ता मानव के साथ-साथ पशुपालन के लिए भी उपयोगी है। गौरतलब है कि अब तक करी पत्ते का उपयोग पशु पोषण में नहीं होता है। लेकिन, इस रिसर्च से करी पत्ता की उपयोगिता को बढ़ा दिया है। विश्वविद्यालय के पशु पोषण विभाग के शोध में मूंगफली भूसा आधारित सम्पूर्ण आहार में महज 1 प्रतिशत करी पत्ता (मुर्राया कोएनिगी) चूर्ण मिलाने से मेमनों में फीड कन्वर्जन और पोषक तत्वों की पाचनशीलता में सुधार सामने आया है। शोध के नतीजे शुष्क क्षेत्रों में कम लागत वाले स्थानीय आहार विकल्पों की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा सकते हैं। अध्ययन में मेमनों को नियंत्रण (टी-1) और उपचार (टी-2) समूह में बांटकर 90 दिन तक वृद्धि परीक्षण किया गया। इसके बाद सात दिन का मेटाबोलिज्म परीक्षण हुआ। उपचार समूह के आहार में 1 प्रतिशत करी पत्ता चूर्ण शामिल किया गया। यह अध्ययन पशु विज्ञान महाविद्यालय, बीकानेर में पशु पोषण विभाग की शोधार्थी अंकिता ने किया है।
वजन में आगे रहा करी पत्ता
परीक्षण की शुरुआत में दोनों समूहों का वजन लगभग समान था। 90 दिन बाद नियंत्रण समूह का औसत शरीर भार 28.87 किलो, जबकि करी पत्ता चूर्ण वाले समूह का 29.94 किलो दर्ज किया गया। उपचार समूह में औसत दैनिक भार वृद्धि 128.11 ग्राम प्रतिदिन और नियंत्रण समूह में 118.47 ग्राम प्रतिदिन रही। हालांकि शोध में स्पष्ट किया गया है कि वजन बढ़ोतरी का यह अंतर सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण नहीं था। इसके उलट फीड कन्वर्जन अनुपात और फीड कन्वर्जन दक्षता में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया। यानी उपलब्ध आहार के बेहतर उपयोग के संकेत मिले। उपचार समूह में कुल नाइट्रोजन और टीसीए -अवक्षेपणीय नाइट्रोजन में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी और अमोनिया नाइट्रोजन की सांद्रता में कमी दर्ज की गई।
पाचन क्षमता में सुधार
करी पत्ता चूर्ण वाले समूह में पोषक तत्वों की पाचनशीलता बेहतर पाई गई। शोध के अनुसार कच्चा प्रोटीन और कुल पाच्य पोषक तत्व नियंत्रण समूह की तुलना में महत्वपूर्ण रूप से अधिक रहे। वहीं रूमेन पीएच , नॉन-प्रोटीन नाइट्रोजन और हीमेटो-बायोकेमिकल मान सामान्य शारीरिक सीमा के भीतर रहे। अध्ययन में 1 प्रतिशत करी पत्ता चूर्ण से कोई प्रतिकूल प्रभाव सामने नहीं आया।
पशुपालकों के लिए क्या मायने
शोध का निष्कर्ष है कि मूंगफली भूसा आधारित सम्पूर्ण आहार में 1 प्रतिशत करी पत्ता चूर्ण शामिल करने से शुष्क क्षेत्र में पाले जाने वाले मेमनों में पोषक तत्वों के उपयोग और फीड कन्वर्जन को बेहतर किया जा सकता है। हालांकि इसे सीधे बड़े पैमाने पर अपनाने से पहले पशुपालकों को पशु पोषण विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार संतुलित राशन में ही इसका उपयोग करना चाहिए।
बकरी पालकों के लिए अहम शोध
पशु पोषण विशेषज्ञ डॉ. राजेश नेहरा ने बताया कि राजस्थान में बड़ी संख्या में किसान भेड़ के साथ बकरी पालन करते हैं और दोनों छोटे जुगाली करने वाले पशु हैं। ऐसे में स्थानीय वनस्पति आधारित आहार पूरकों पर हो रहा यह शोध बकरी पोषण के लिए भी आगे अलग परीक्षण और अनुसंधान की राह खोलता है।