केवीके ने किए 5 गांवो के किसानों को चूजे वितरित

नई दिल्ली 18-Dec-2025 12:48 PM

केवीके ने किए 5 गांवो के किसानों को चूजे वितरित

(सभी तस्वीरें- हलधर)

चितौडग़ढ। कृषि विज्ञान केन्द्र, चित्तौडग़ढ़ द्वारा जनजाति उपयोजना के तहत गांव पायरी, ढिकरिया खेड़ी, लालपुरा, मातामगरी, खोखरिया खेड़ी के किसानो को मुर्गी पालन ईकाई स्थापना के लिए प्रतापधन नस्ल के चूजे वितरित किए। साथ ही, मुर्गीपालन प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया। केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरएल सोंलकी ने बताया कि  प्रत्येक को 50 चूजे वितरित किये गये। उन्होंने बताया कि मुर्गियों का दड़बा बनाते समय यह ध्यान में रखे की एक मुर्गी को 1.5-2.0 वर्गफीट जगह की आवश्यकता होती है। दड़बा जमीन से थोड़ा ऊपर डलान पर छायादार स्थान पर हो तथाउसमें अच्छा वायु संचार की व्यवस्था हो । दड़बे की लम्बाई पूर्व-पश्चिम में होनी चाहिए। ताकि, तीखी धूप व सीधे प्रकाश से मुर्गियों को बचाया जा सके। कार्यक्रम सहायक दीपा इन्दौरिया ने कहा कि मुर्गियो को आहार में मक्का गेहू, ज्वार, जौ के दलिये तथा चावल की कनकी खिला सकते है। संतुलित आहार में खनिज तत्वो विटामिन, जीवाणुनाशक, व कोक्सीडियल दवाओं का समावेश होना चाहिए ।


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