मुर्गी से आगे निकला टर्की पालन, किसानों की आय दोगुनी
(सभी तस्वीरें- हलधर)मुर्गीपालन और बटेर पालन के बाद टर्की पालन किसानों और पशुपालकों की आर्थिक और पोषण स्थिति की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता हैं। यह लगभग कुल कुक्कुट आबादी का 2 प्रतिशत है। इन्हें मांस के लिए पाला जाता है। इनका मांस दूसरे घरेलू एवियन प्रजातियों में सबसे ज्यादा वसा रहित होता हैं। टर्की पालन प्रदेश में प्रारंभिक अवस्था में हैं। हालंाकि, टर्की पालन को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन विभाग प्रयासरत है। टर्की पालन कर अधिक किसान आय प्राप्त कर सकते है। टर्की पालन को लेकर हलधर टाइम्स की डॉ. टीकम गोयल से हुई वार्ता के मुख्यांश...

टर्की की नस्ल और पहचान कैसे की जाती है?
देश में टर्की की चार नस्लों का पालन हो रहा है। इनमें बोर्ड ब्रेस्टेड ब्रोंज (पंख काले, मादाओं की छाती पर काले रंग के पंख, सिरों का रंग सफेद होता है), बोर्ड ब्रेस्टेड ह्वाइट (यह बोर्ड ब्रेस्टेड ब्रोंज और सफेद पंखों वाले ह्वाइट हॉलैंड की संकर नस्ल हैं, इनमें गर्मी सहनेे की क्षमता अधिक होती है), बेल्ट्सविले स्मॉल ह्वाइट (यह रंग -आकार में बोर्ड ब्रेस्टेड ह्वाइट के समान होती है) और नंदनम् टर्की-1 (काली देशी प्रजाति और छोटी विदेशी बेल्ट्सविले की सफेद प्रजाति की संकर नस्ल हैं) शामिल है।
टर्की पालन की फ्री रेंज प्रणाली क्या है?
फ्री रेंज प्रणाली में एक एकड बाड़ लगी हुई भूमि में हम 200-250 व्यस्क टर्कियों को पाल सकते हैं। प्रति पक्षी 3-4 वर्ग फीट की दर से रात में रहने के लिए आश्रय उपलब्ध करवाया जाता है। सफ़ाई के दौरान उन्हें परभक्षियों से भी बचाया जाना चाहिये। टर्कियां बहुत अच्छी सफ़ाई कर्मी होती है। इसलिए यह केचुओं, छोटे कीडों, घोघो, रसोईघर से उत्पन्न होने वाले कचरे और दीमक को खा जाती हैं। जो कि प्रोटीन के अच्छे स्त्रोत होते हैं। इसके कारण खाने की लागत में 50 प्रतिशत की कमी आती है। इसके अतिरिक्त लेग्यूमिनिस चारा जैसे ल्यूसर्न, डेसमैनथस, स्टाइल भी खिलाया जा सकता हैं। फ्र ी रेंज में पाले जाने वाले पक्षियों के पैरों में कमजोरी और लंगडाहट रोकने के लिए ओयरस्टर शैल के रूप में प्रति सप्ताह प्रति पक्षी 250 ग्राम की दर से कैल्शियम भी मिलाया जाना चाहिए। भोजन की लागत को कम करने के लिए १० प्रतिशत भोजन के स्थान पर सब्जियों का अपशिष्ट दिया जा सकता है।

प्राकृतिक प्रजनन कैसे करवाया जाता है?
वयस्क नर टोम के सहवास कार्य को स्ट्रट कहा जाता है। इस दौरान यह अपनी पंख फैलाकर बार-बार एक अजीब सी आवाज निकालता है। प्राकृतिक सहवास में मध्यम प्रकार के टर्कियों के लिए नर और मादा का अनुपात 1:5 होता है और बडे टर्कियों के लिए यह अनुपात 1:3 होता है। सामान्य तौर पर प्रत्येक वयस्क मादा से 40-50 बच्चों की उम्मीद की जाती है। उर्वरत्व अथवा प्रजनन कम होने के कारण पहले साल के बाद वयस्क नर का प्रयोग शायद ही किया जाता है। वयस्क नर में यह प्रवृत्ति पाई गई है कि उन्हें किसी खास मादा से ज्यादा लगाव हो जाता है इसलिए प्रत्येक 15 दिन में वयस्क नर बदलना पड़ता हैं।
टर्की के अंडे की विशेषता बतायें?
टर्की अपने उम्र के 30 सप्ताह बाद से अंडा देना शुरू करता हैं। पहली बार अंडा देने के 24 सप्ताह बाद उत्पादन शुरू हो जाता है। उचित भोजन और कृत्रिम प्रकाश प्रबंधन के तहत मादा टर्की वर्ष भर में करीब 60-100 अंडा देते है। लगभग 70 प्रतिशत अंडे दोपहर में दिए जाते है। टर्की के अंडे रंगीन होते है और इसका वजन करीब 85 ग्राम होता है। अंडा एक कोने पर कुछ अधिक नुकीला होता है। इसका आवरण मजबूत होता है।