अनार की उन्नत खेती से किसान की आय पहुंची 18 लाख
(सभी तस्वीरें- हलधर)
जागसा, बालोतरा। जिस किसान ने परम्परागत खेती से हटकर कुछ नया किया है। उस किसान की किस्मत संवर गई। जागसा गांव का किसान विरमाराम इसका उदाहरण है। जो अनार के 2500 पौधो से सालाना 18 लाख रूपए की आमदनी ले रहे है। जबकि, सकल आय का आंकड़ा 22 लाख रूपए के करीब है। किसान विरमाराम ने हलधर टाइम्स को बताया कि परिवार के पास 40 बीघा कृषि भूमि है। उन्होंने बताया कि मिडिल पास करने के साथ ही स्कूल छोड़ दिया और रोजी-रोटी की तलाश में कर्नाटक चला गया। यहां पहले रेडीमेड़ कपडो की शॉप में काम किया। दशक तक काम करने के बाद यही अपनी दुकान खोल ली। लेकिन, कोविड़-19 के संक्रमण के दौरान गांव लौट आया और अनार की बागवानी से जुडक़र गांव का होकर रह गया। उन्होंने बताया कि गांव लौटकर क्षेत्र के किसानों को अनार की बागवानी करते हुए देखा। कुछ नया करने की जुगत में मैने भी अनार का बगीचा स्थापित किया, जो अब सालाना अच्छी आमदनी दें रहा है। उन्होने बताया कि सिंचाई के लिए मेरे पास ट्यूबवैल है। पम्परागत फसलों में बाजरा, मंूग, मोठ, ग्वार और गेहूं का उत्पादन लेता हॅू। इन फसलों से सालाना 3-4 लाख रूपए की आमदनी मिल जाती है।
सात साल का हुआ बगीचा
उन्होंने बताया कि अनार का बगीचा 7 साल का हो चुका है। जिसमें 2500 पौधें लगे हुए है। उन्होंने बताया कि अनार की फसल से सकल आय 24 लाख रूपए के करीब होती है। लेकिन, फसल तैयार करने में 5-6 लाख रूपए का खर्च आ जाता है। इस तरह 18 लाख रूपए की शुद्ध बचत इस फसल से मिल जाती है।
उन्नत पशुपालन
उन्होंने बताया कि पशुधन में मेरे पास आधा दर्जन के करीब पशु है। इनसे प्रतिदिन 8-10 लीटर दुग्ध का उत्पादन मिल रहा हैं। खेत पर काम करने वाले दुग्ध का उपयोग कर लेते है। वहीं, गोबर से वॉश तैयार करके बगीचे में उपयोग ले लेता हॅॅू। इससे अनार की गुणवत्ता अच्छी बनती है।