बीटेक छोड़ा, खेती अपनाई: समन्वित मॉडल से कमा रहे लाखों

नई दिल्ली 14-Nov-2025 02:36 PM

बीटेक छोड़ा, खेती अपनाई: समन्वित मॉडल से कमा रहे लाखों

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जुल्मी, कोटा। बीटेक करने के बाद एक नामी कंपनी में 6 महीने जॉब की। इसके बाद जॉब छोडक़र गांव लौट आया। यहां पार्ट टाइम स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। साथ ही, पार्ट टाइम खेती पर ध्यान देना शुरू किया। लेकिन, समय के साथ खेती इस कदर रास आई की अब फुल टाइम किसान बन गया हॅू। यह कहना है किसान रामबाबू राठौर का। जो खेतों में टिकाऊ आय के लिए समन्वित खेती की तस्वीर उकेरने में जुटे हुए है। उनका कहना है कि खेती से सालाना आय बढक़र 25 लाख रूपए तक पहुंच चुकी है। किसान रामबाबू ने हलधर टाइम्स को बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के चलते पढ़ाई में दिक्कत नहीं आई। वर्ष 2012 में बीटेक कम्पलीट हुई। यहां तक मैने खेती के बारे में सोचा नहीं था। लेकिन, नौकरी के दौरान नौकरी का मर्म समझ आ गया। टीसीएस में 6 महीने जॉब करने के बाद गांव लौट आया। गांव लौटकर एक स्कूल में पार्ट टाइम पढ़ाना शुरू किया। साथ ही, खेती का ककहरा भी सीखना शुरू किया। परिणाम रहा है कि अब फुल टाइम किसान बनकर नौकरी से ज्यादा कमा रहा हॅू। उन्होने बताया कि सिंचाई के लिए कुआं और ट्यूबवैल हैं। परम्परागत फसलों में सरसों, चना, सोयाबीन, मक्का, मूंगफली, उड़द का उत्पादन लेता हॅू। इन फसलों से सालाना 10-12 लाख रूपए की आमदनी मिल जाती है। गौरतलब है कि किसान रामबाबू के परिवार के पास 75 बीघा कृषि भूमि है। 

अमरूद से आय शुरू

उन्होने बताया कि खेती की जिम्मेदारी संभालने के बाद खेतों का हुलिया बदलना शुरू किया। हालांकि, सब्जी पहले से ही करते आए है। लेकिन, बागवानी का काम बिल्कुल नया था। उन्होंने बताया कि ढ़ाई बीघा क्षेत्र में बगीचा स्थापित किया है। जिसमें अमरूद के पौधों से दो लाख रूपए की शुरूआती आय मिली है। उन्होने बताया कि बगीचे में अमरूद के 450 पौधें, चीकू-आम के 32-32 पौधें और एप्पल बेर के 60 पौधें लगे हुए है। 

सब्जी फसलों से लाखों

उन्होंने बताया कि सब्जी फसलों में टमाटर, लहसुन, धनिया, बैंगन, प्याज का उत्पादन लेता हॅू। उन्होंने बताया कि एक बीघा टमाटर की फसल से औसतन डेढ़ लाख, 5 बीघा लहसुन से औसतन 3 लाख, 5 बीघा प्याज से डेढ़ लाख, एक बीघा बैगन से ढ़ाई से तीन लाख रूपए की आमदनी मिल जाती है। जबकि, 5 बीघा अश्वगंधा की फसल से तीन लाख रूपए की आय होती है। 

पशुपालन से भी अच्छी आय

उन्होने बताया कि समन्वित खेती के तहत पशुपालन को भी व्यवसाय का रूप दिया है। पशुधन में मेरे पास 8 मुर्रा भैंस और 2 गिर नस्ल की गाय है। पशुधन के लिए 90 गुना 60 आकार का पक्का आवास बनाया हुआ है। प्रतिदिन 30 लीटर दुग्ध का उत्पादन हो रहा है। दुग्ध की बिक्री से प्रतिदिन साढे 700 रूपए की शुद्ध बचत मिल रही है। 

स्टोरी इनपुट: एनबी मालव, उपनिदेशक, उद्यान, कोटा


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