सात बीघा जमीन और एक कुआं, सब्जी उत्पादन से बदली तस्वीर 

नई दिल्ली 04-Nov-2026 12:45 PM

सात बीघा जमीन और एक कुआं, सब्जी उत्पादन से बदली तस्वीर 

(सभी तस्वीरें- हलधर)

रेवलिया खुर्द, चित्तौडग़ढ़। सिर्फ सात बीघा जमीन और सिंचाई के लिए एक कुआं। इसी सीमित संसाधन के बूते किसान किशन भील ने खेती में बदलाव की नई राह तैयार की है। इससे आमदनी का आंकड़ा बढक़र डेढ़-दो लाख रूपए तक जा पहुंचा है। किसान किशन ने हलधर टाइम्स को बताया कि परिवार के पास 7 बीघा जमीन है। खेती ही परिवार की आय का साधन रहा है। परम्परागत फसलों से परिवार का गुजारा चलाना मुश्किल था, लेकिन, सब्जी उत्पादन में कुछ नई उम्मीद नजर आ रही है। उन्होने बताया कि होश संभालने से खेती के साथ जुड़ा हॅू। पहले आमदनी कम होती थी। लेकिन, कृषि कार्यक्रमों में भाग लेने से खेती का ज्ञान बढ़ा और खेती में बदलाव लाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि सिंचाई के लिए मेरे पास एक कुआं है। परम्परागत फसलों में मक्का, मूंगफली, गेहूं और लहसुन का उत्पादन लेता हॅू। इन फसलों से सालाना डेढ़ से दो लाख रूपए की आमदनी मिल जाती है।

सब्जियों ने दिखाई नई राह

किशन ने खेती का तरीका बदला और मिर्च-टमाटर जैसी सब्जी फसलों को अपनाया। बाजार में नियमित मांग और परम्परागत फसलों की तुलना में बेहतर आमदनी की संभावना ने उनका हौसला बढ़ाया। अब सब्जी उत्पादन उनकी खेती का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और इससे परिवार की आर्थिक स्थिति को भी सहारा मिला है।

पशुपालन भी सहारा

किशन केवल खेत पर निर्भर नहीं हैं। उनके पास एक गाय और एक भैंस भी है। पशुओं से मिलने वाले दूध से परिवार घी तैयार करता है। इस तरह खेती और पशुपालन को साथ लेकर वे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर रहे हैं। 


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