दुबई रिटर्न बना रहा है सोया दही और पनीर
(सभी तस्वीरें- हलधर)
पण्डोली, चित्तौडग़ढ़। जमीन चार बीघा। परिवार का गुजारा चलाने के लिए भी नौकरी करनी पड़ती थी। लेकिन अब सोया पनीर और सोया दही से मासिक लाख रुपये की आमदनी मिल रही है। यह कहना है दुबई रिटर्न रतन पुरी गोस्वामी का। जिन्होंने चित्तौडगढ़ जिले में पहली सोयाबीन प्रसंस्करण इकाई स्थापित कर क्षेत्र के युवाओं और किसानों को नये उद्यम से रूबरू करवाया है। किसान रतन पुरी ने हलधर टाइम्स को बताया कि परिवार के पास 4 बीघा जमीन है। इस जमीन से उस वक्त भी परिवार का गुजारा चलाना मुश्किल था और अब भी। इसी के चलते 10वीं पास करने के साथ ही गोवा चला गया। वहां एक फैक्ट्री में पांच साल काम किया। फिर, 18 साल दुबई में रहा। लेकिन कुछ कारणों के चलते काम छोड़कर गांव लौट आया। यहां आने के बाद रोजगार की समस्या मेरे सामने थी। इसी दौरान मेरा ध्यान दुबई के स्वाद पर गया और यही से मुझे मेरा लक्ष्य मिल गया। इंटरनेट पर तलाश करने के बाद हरियाणा की एक कंपनी के सोया पनीर प्लांट से जुड़ी मशीनरी खरीदी। साथ ही, सोया प्रसंस्कृत उत्पादों का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। गौरतलब है कि किसान रतन को सोया प्रसंस्करण से जुड़े हुए अभी दो साल ही हुए है। लेकिन, मासिक का आय का आंकड़ा लाख रूपए तक पहुंच चुका है।
200 रूपए किलो पनीर
उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में प्रतिदिन 15-16 किलो पनीर का उत्पादन वर्तमान में हो रहा है। इसके अलावा सोया दही भी तैयार करके बिक्री कर रहा हॅू। उन्होने बताया कि पनीर की बिक्री 200 रूपए प्रति किलो की दर से कर रहा हॅू। उन्होंने बताया कि प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के बाद पहले तो लोगों को जागरूक करना पड़ा। लेकिन, अब उपभोक्ताओं की मांग मिलने लगी है।
इन फ सलों का उत्पादन
उन्होने बताया कि जमीन पर परम्परागत फसलो का उत्पादन ले रहा हॅू। सिंचाई के लिए मेरे पास कु आं है। वहीं, फसलों में चना, मक्का, मूंग, बाजरा का उत्पादन ले रहा है। घरेलू आवश्यकता पूर्ति के लिए पशु भी रखे हुए है।
स्टोरी इनपुट:डॉ. आरएल सोलंकी, केवीके, चित्तौडग़ढ़