गेंदा फूल से आंनद ही आनंद, बीघा से कमाई 80 हजार
नई दिल्ली 29-Oct-2025 12:44 PM

गेंदा फूल से आंनद ही आनंद, बीघा से कमाई 80 हजार
(सभी तस्वीरें- हलधर)

फूलो की खेती भी घर को आनंद से भर सकती है। कुछ ऐसे ही अनुभव है किसान ब्रह्मानंद के। जिन्होने गेंदा फूल की खेती से परिवार की आर्थिकी में बदलाव किया है। गौरतलब है कि किसान ब्रह्मानंद के पास महज 4 बीघा जमीन है। जमीन से इस टुकडे से सालाना ढ़ाई से तीन लाख रूपए की आमदनी प्राप्त कर रहे है। उन्होनेे बताया कि पहले लाख रूपए सालाना की आय भी नहीं मिलती थी।  मोबाइल 63766-43465

गंदीफली, कोटा। फूलों की खूशबू ना केवल वातावरण को महकाती है | बल्कि, छोटे किसानों को आंनद की अनुभूति भी करवाती है और आर्थिक सम्पन्नता को भी बढ़ाती है। यकीन नहीं है तो मिलिए किसान ब्रह्मानंद सुमन से। जो एक बीघा क्षेत्र में गेंदा फूल का उत्पादन करके 80 हजार रूपए का शुद्ध लाभ ले रहे है। उनका कहना है कि दशक पूर्व इतनी आमदनी सभी फसलों को मिलाकर भी नहीं होती थी। किसान ब्रह्मानंद ने हलधर टाइम्स को बताया कि मेरे पास महज 4 बीघा जमीन है। शुरू से ही परिवार की रहगुजर का जरिया जमीन का यही टुकड़ा रहा है। उन्होने बताया कि 10वीं पास करने के साथ ही पढ़ाई छोडक़र खेती से जुड़ गया। दशक पूर्व तक परम्परागत फसलों का उत्पादन लेता रहा। लेकिन, इन फसलों के उत्पादन से कभी समृद्धि का अहसास नहीं हुआ। इसके बाद गेंदा फूल का उत्पादन लेना प्रारंभ किया तो साल दर साल आंनद की अनुभूति और परिवार की समृद्धि बढ़ती रही। उन्होंने बताया कि गेंदा फूल की फसल ने परिवार के दिन बहुरने का काम किया है। उन्होने बताया कि एक बीघा क्षेत्र में गेंदा फूल का उत्पादन लेता हॅू। इससे औसत 80 हजार रूपए और भाव तेज होने पर लाख रूपए की आमदनी मिल जाती है। उन्होंने बताया कि परम्परागत फसल में सोयाबीन, गेहूं और जायद में मूंगफली का उत्पादन लेता हॅू। इन फसलों से 60-70 हजार रूपए की आमदनी मिल जाती है।
प्याज के साथ धनिया
उन्होने बताया कि गेंदा फूल के बाद प्याज और सब्जी धनिया का उत्पादन लेना शुरू किया। इन फसलों से भी परिवार की आय बढाने में मदद मिली। उन्होने बताया कि प्याज की फसल से शुद्ध बचत 40 हजार रूपए के करीब रहती है। वहीं, 15-20 हजार रूपए धनिया की फसल से मिल जाते है।
पशुपालन से भी आय
उन्होंने बताया कि पशुधन में मेरे पास 3 गाय है। प्रतिदिन 4-5 किलो दुग्ध का उत्पादन मिलता है। इसमें से 3 किलो दुग्ध स्थानीय स्तर पर ही बिक्री कर देता हॅॅू। इससे 125 रूपए प्रति दिन की आय मिल जाती है। पशु अपशिष्ट से वर्मी कम्पोस्ट खाद बना रहा हॅूू। वर्मी की दो बेड मेरे पास है।
स्टोरी इनपुट: एनबी मालव, उपनिदेशक उद्यान, कोटा