किसान मुकेश सिंह नर्सरी और फूलों की खेती से जीवन का नया रंग देने वाले किसान है मुकेश सिंह। जो सब्जी के साथ गेंदा फूल की खेती से सालाना 6 बीघा जमीन से करीब 8 लाख रूपए की आमदनी प्राप्त कर रहे है। वहीं, नर्सरी में सब्जी पौध तैयार करके सालाना 8-10 लाख रूपए की आमदनी प्राप्त कर रहे है। इससे आय बचत का संकल आंकड़ा 15-16 लाख रूपए के करीब पहुंच चुका है। जबकि, पहले परम्परागत फसलो के उत्पादन से दो से तीन लाख रूपए कीआमदनी मिलती थी। मोबाइल 88909-51529
अखेपुरा, अजमेर। कम रकबे से भी बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है किसान मुकेश सिंह ने। जो पहले परम्परागत फसलों के उत्पादन तक सीमित थे। लेकिन, अब गोभी और गेंदा फूल की खेती से 6 बीघा जमीन में 8 लाख रूपए कीआय प्राप्त कर रहे है। वहीं, नर्सरी से सालाना 8-10 लाख रूपए कमा रहे है। किसान मुकेश ने हलधर टाइम्स को बताया कि 8वीं पास करने के साथ ही खेती से जुड़ गया। परिवार के पास जमीन कम थी। लेकिन, मैने हिम्मत नहीं हारी। परम्परागत फसलों को छोडक़र नगद आमदनी देने वाली फसलों पर फोकस किया। परिणाम सबके सामने है। उन्होने बताया कि सब्जी और फूलो की खेती ने कम रकबे के भीतर भी परिवार की आर्थिकी को बदलने का काम किया है। उन्होंने बताया कि दो बीघा क्षेत्र में गेंदा फूल की खेती करता हॅू। इससे प्रति बीघा लाख रूपए की आमदनी मिल जाती है। उन्होने बताया कि सिंचाई के लिए मेरे पास कुआं है और जल बचत के लिए बूंद-बूंद सिंचाई का उपयोग कर रहा हॅू। परम्परागत फसल में परिवार के लिए गेहंू का उत्पादन लेता हॅू।
गोभी से बीघा के डेढ़ लाख
उन्होने बताया कि फूलों की खेती के साथ-साथ 4 बीघा क्षेत्र में फूलगोभी का उत्पादन ले रहा हॅू। इस फसल को अगेती करनी से बाजार भाव अच्छा मिलता है। इससे प्रति बीघा डेढ़ लाख रूपए तक आमदनी मिल जाती है।
नर्सरी में सब्जी पौध
किसान मुकेश वर्तमान में दो बीघा क्षेत्र में सब्जी पौध तैयार करते है। उन्होंने बताया कि सब्जी नर्सरी में मिर्च, टमाटर, बैंगन, कलकत्ती गेंदा की अलग-अलग किस्मों की पौध तैयार करता हॅूं। नर्सरी में सालाना 30-40 लाख पौध तैयार करने से सालाना 8-10 लाख रूपए का शुद्ध लाभ मिल जाता है।
बकरीपालन से आय
उन्होंने बताया कि पशुधन में मेरे पास 2 गाय, 2 भैंस और 10 बकरी है। पशुओं से प्रतिदिन 10 लीटर दुग्ध का उत्पादन मिलता है। परिवार बड़ा होने के कारण दुग्ध घर में काम आ जाता है। वहीं, बकरीपालन से सालाना लाख से डेढ़ लाख रूपए की आमदनी मिल जाती है।