देश के पहले 'पंचगव्य चिकित्सा पाठ्यक्रम' का हुआ आगाज

नई दिल्ली 05-May-2026 12:43 PM

देश के पहले 'पंचगव्य चिकित्सा पाठ्यक्रम' का हुआ आगाज

(सभी तस्वीरें- हलधर)

राजस्थान के पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने जोधपुर के मोकलावास स्थित गौ संवर्धन आश्रम में देश के पहले पंचगव्य चिकित्सा पाठ्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। यह अपनी तरह का पहला कोर्स है जो भारतीय परंपरा और आधुनिक स्वास्थ्य पद्धतियों को जोड़ने का काम करेगा।

दिया जाएगा स्वरोजगार

उन्होंने कहा कि यह कोर्स डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय और लक्ष्य पर्यावरण एवं जन कल्याण संस्था के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जा रहा है। पाठ्यक्रम में पंचगव्य के सिद्धांत, औषधि निर्माण, रोगों का उपचार, पंचकर्म और गौशाला प्रबंधन के साथ-साथ स्वरोजगार का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसका उद्देश्य पारंपरिक स्वदेशी चिकित्सा को बढ़ावा देना, युवाओं के लिए रोजगार पैदा करना और गौ-उत्पादों के माध्यम से स्वास्थ्य के नए आयाम स्थापित करना।

क्रांतिकारी कदम

पशुपालन मंत्री ने इस पहल को ग्रामीण विकास और स्वदेशी चिकित्सा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि पंचगव्य चिकित्सा आयुर्वेद का अभिन्न अंग है। यह पाठ्यक्रम न केवल युवाओं को रोजगार से जोड़ेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और गौ-स्वास्थ्य की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।

किया सम्मानित

इस दौरान मंत्री ने स्थानीय ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। वहीं, संस्था सचिव राकेश निहाल ने मंत्री को आश्रम के विभिन्न प्रकल्पों की जानकारी दी। मंत्री ने वहां मौजूद तीन पीढ़ियों वाली गायों और नंदी को देखा और उन्हें विशेष रूप से तैयार 'ग्वार लापसी' खिलाई।


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